नब्बे साल के इतिहास में जम्मू कश्मीर बीसवें टीम और दसवें राज्य के रूप में रणजी विजेता होने का गौरव हासिल किया है। पहली पारी के बढ़त के आधार पर जम्मू कश्मीर की टीम नये विजेता के रूप में स्थापित हो गई है।राष्ट्रीय एकता के लिए जम्मू कश्मीर की ये जीत बहुत मायने रखती है।
रणजी ट्रॉफी मैच को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित होने वाले खिलाड़ियों के लिए बहुत बड़ा प्लेटफॉर्म है। देश का हर टेस्ट खेला खिलाड़ी रणजी में शानदार प्रदर्शन करने के बाद ही राष्ट्रीय टीम में शामिल हुआ है।
रणजी ट्रॉफी मैच में भाषाई आधार पर राज्य बनने से पहले रियासतों की टीम भी भाग लिया करती थी। नवानगर, बंगाल, होल्कर, बड़ौदा,हैदराबाद, मद्रास प्रमुख रणजी विजेता ट्रॉफी टीम रही है। क्षेत्रीय आधार पर पश्चिम भारत और संस्थान के नाम रेल्वे की टीम भी विजेता रही है।
1934-35 में मद्रास और मैसूर के बीच राष्ट्रीय स्तर पर क्रिकेट खेलने के लिए शुरूआत हुई थी। इस ट्रॉफी का नाम क्रिकेट चैम्पियनशिप ऑफ इंडिया था। 1935 से इस ट्रॉफी को रणजी का नाम दिया गया।
आज की स्थिति में देश के राज्यों , केंद्र शासित प्रदेश के अलावा रेल्वे की टीम खेला करती है। मुंबई, विदर्भ और महाराष्ट्र और गुजरात, सौराष्ट्र टीम अलग अलग खेलती है।
पहली पहली बार विजयी
होने वाली टीम इस प्रकार है
मुंबई (1935-36)
नवानगर(1936-37),
हैदराबाद(1937-38), बंगाल(1938-39), महाराष्ट्र(1939-40),
बड़ौदा(1942-43),
पश्चिम भारत(1943-44)
होल्कर (1945-46)
मद्रास(1954-55)
कर्नाटक(1973-74)
दिल्ली(1978-79)
हरियाणा(1990-91)
पंजाब(1992-93)
रेल्वे (2001-02)
उत्तर प्रदेश (200506)
राजस्थान(2010-11) गुजरात(2016-17) सौराष्ट्र(2019-20)
मध्य प्रदेश (2021-22) में पहली बार रणजी ट्रॉफी विजेता रहे है।
मुंबई 42 अवसरों में रणजी ट्रॉफी विजेता रहा है। कनार्टक 7,दिल्ली 6, होल्कर और बड़ौदा 4-4बार विजेता रहे है।विजेताओं की बात करे तो मुंबई पहला विजेता रहा है और 42 अवसरों में विजेता रहा है।1958 -59से लेकर 1972-73 तक लगातार पंद्रह हजार बार ट्रॉफी जीता है। अजीत वाडेकर जो भारतीय क्रिकेट टीम के भी कप्तान रहे उन्होंने सर्वाधिक 6 बार रणजी ट्रॉफी कप्तान के रूप में जीता है। जम्मू कश्मीर की टीम ने कर्नाटक की टीम को पराजित इतिहास रच दिया है। पुराने राज्यों में बिहार, केरल, हिमाचल प्रदेश,गोवा, नए राज्यों में झारखंड , छत्तीसगढ़ उत्तराखंड, सहित पूर्वोत्तर राज्यों के अलावा दिल्ली छोड़ कोई भी केंद्र शासित प्रदेश रणजी ट्रॉफी विजेता नहीं बने है।
रणजी ट्रॉफी के सुखद पहलू बहुत है लेकिन दो दुखद पहलू भी है रजिंदर गोयल जा रणजी ट्रॉफी के सबसे अधिक640 विकेट लेने वाले बॉलर रहे है लेकिन उनको देश की तरफ से खेलने का मौका नहीं मिला। इसी प्रकार भारतीय महिला क्रिकेट टीम के वर्तमान कोच अमोल मजूमदार भी राष्ट्रीय टीम का हिस्सा नहीं बन पाए थे। इसका कारण भी देख ले। जब रजिंदर गोयल खेल रहे थे तब बिशन सिंह बेदी, प्रसन्ना, चंद्रशेखर, वेंकटराघवन का दौर था। अमोल मजूमदार के समय सचिन तेंदुलकर, द्रविड़, लक्ष्मण का दौर था।
स्तंभकार-संजय दुबे






