0 अध्यक्ष अजीत दुबे ने सेवानिवृत कर्मचारियों की पुनर्नियुक्ति प्रस्ताव को तत्काल वापस लेने एवं मैदानी अमले की बायोमेट्रिक हाजिरी सिस्टम को निरस्त करने की मांग की
रायपुर, छत्तीसगढ़ वन कर्मचारी संघ ने सेवानिवृत्त (रिटायर्ड) अधिकारियों-कर्मचारियों की पुनर्नियुक्ति और वन विभाग में बायोमेट्रिक उपस्थिति लागू करने का कड़ा विरोध किया है। संघ का तर्क है कि इससे युवा बेरोजगारों के रोजगार के अवसर प्रभावित हो रहे हैं और मैदानी स्तर पर काम करने वाले वनकर्मियों को अनुचित समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
छत्तीसगढ़ वन कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष अजीत दुबे ने एक बयान जारी कर बताया है कि वन विभाग में हजारों पद खाली होने के बावजूद युवाओं को रोजगार देने के बजाय सेवानिवृत कर्मचारियों की दोबारा नियुक्ति का निर्णय बेरोजगार युवाओं के हितों के खिलाफ है।संघ का मानना है कि रिटायर्ड कर्मचारियों को पुनः नौकरी पर रखने से वन विभाग में कार्यरत युवाओं की पदोन्नति और सीधी भर्ती के अवसर बाधित होते हैं।इससे योग्य एवं ऊर्जावान युवाओं का हक मारा जाता है।
वन विभाग की वर्तमान नीतियों एवं हालिया प्रस्ताव पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि विभाग में रिक्त पदों की भर्ती के लिए नई भर्ती निकालने अथवा वर्षों के कार्यरत दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों को नियमित करने पर ध्यान देना चाहिए। साथ ही उन्होंने विभाग में रिक्त पदों पर भरती के लिए प्रदेश के युवाओं एवं विभाग के दैनिक वेतन भोगी कर्मियों को प्राथमिकता देने की मांग की है।
प्रदेश अध्यक्ष अजीत दुबे ने कहा है कि वनरक्षक, वनपाल एवं दिप्टी रेंजरों के लिए लागू की जा रही बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली बेहद अव्यवहारिक है। मैदानी कर्मचारी घने जंगलों, पहुंचविहीन क्षेत्रों एवं दुर्गम वन्य जीव इलाकों में दिन-रात काम करते हैं। ऐसे में उन्हें निर्धारित दफ्तरों पर आकर बायोमेट्रिक उपस्थिति दर्ज करने के लिए पहुंच पाना कठिन होगा, और इससे काम भी प्रभावित होगा। मैदानी क्षेत्रों, जंगलों और गश्ती दल (पेट्रोलिंग) में तैनात कर्मचारियों के लिए बायोमेट्रिक प्रणाली व्यावहारिक नहीं मानी जा रही है। नेटवर्क की कमी, सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन की समस्या और बुनियादी सुविधाओं के अभाव के कारण कर्मचारियों को इसमें असुविधा हो रही है।
उन्होंने सरकार से मांग की है कि सेवानिवृत कर्मचारियों की पुनर्नियुक्ति प्रस्ताव को तत्काल वापस लिया जाए एवं रिक्त पदों पर सीधी भर्ती की जाए। साथ ही मैदानी कर्मचारियों के लिए लागू करने की बायोमेट्रिक उपस्थिति संबंधी निर्देशों को भी निरस्त किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी है कि संघ की मांगों पर सकारात्मक विचार नहीं किया गया, युवाओं के हितों की अनदेखी की गई तो छत्तीसगढ़ वन कर्मचारी संघ प्रदेश व्यापी आंदोलन के लिए बाध्य होगा।







