भुबनेश्वर, नीट पेपर लीक और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को लेकर देशभर में पिछले 40 दिनों से प्रदर्शन जारी थी. छात्रों के प्रदर्शन को देखते हुए 25 जुलाई को धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया. इसके बाद छात्र खुशी से झूम उठे. प्रधान के इस्तीफे का लोगों ने अपने तरीके से जश्न मनाया. कई लोगों ने सोशल मीडिया पर स्टोरी लगाई तो कई लोगों ने पोस्ट किए. इन्हीं सब में बीजेपी के नेता की बेटी की एक पोस्ट जमकर वायरल हो रही है, जिसमें वह प्रधान के इस्तीफे पर अपनी खुशी जाहिर कर रही है.
ओडिशा के भुवनेश्वर से बीजेपी सांसद अपराजिता सारंगी की बेटी अर्चिता सचिन राहर की पोस्ट इस समय हर जगह वायरल है . उनकी इस पोस्ट पर लोग तरह तरह के कमेंट कर रहे हैं, इसके साथ ही तारीफ भी कर रहे हैं कि भले ही बीजेपी सांसद की बेटी है. इसके बाद भी उसने पोस्ट की हे. हालांकि उनकी इस पोस्ट ने बीजेपी में खलबली मचा दी है. पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं के बीच उनका पोस्ट सुर्खियों में बना हुआ है.
अर्चना ने क्या किया था पोस्ट
आर्चिता ने इंस्टाग्राम स्टोरी पर धर्मेंद्र प्रधान की तस्वीर को तिरंगा झंडा लगाकर शेयर की थी. जिसमें उन्होंने लिखा, ‘Dharmendra Pradhan resigns amid massive student protests over NEET leak fiasco.’. आर्चिता की यह पोस्ट जैसे ही सामने आई. शुरुआत में लगा कि आईडी हैक हो चुकी है. हालांकि इसके बाद आर्चिता की एक और पोस्ट आई जिसने साफ कर दिया कि यह उन्होंने ही की है. नीट पेपर लीक विवाद के बीच प्रधान के इस्तीफे को लेकर की गई इस टिप्पणी पर पार्टी कार्यकर्ताओं ने नाराजगी जाहिर की है जताई. कई लोग यह भी कहते नजर आ रहे हैं कि पार्टी परिवार के समान होती है, परिवार के लिए इस तरह के शब्दों का यूज नहीं करना चाहिए. हालांकि बाद में उनका इंस्टाग्राम अकाउंट भी डिएक्टिवेट हो गया.
नहीं करूंगा पोस्ट डिलीट-आर्चिता
आर्चिता की सोशल मीडिया पोस्ट जैसे ही सामने आई तरह-तरह के बयान सामने आने लगे. इसके साथ ही परिवार यानी की मां अपराजिता सारंगी ने भी पोस्ट हटाने को कहा. लेकिन आर्चिता ने ऐसा करने से साफ इनकार कर दिया. उन्होंने यह भी लिखा कि उनके ऊपर पोस्ट डिलीट करने का बहुत दबाव है लेकिन वो ऐसा नहीं करेगी. हालांकि अब अर्चिता का अकाउंट डीएक्टिवेट हो गया है.
प्रधान के समर्थन में उतरी अपराजिता सारंगी
विवाद बढ़ने के बाद शनिवार रात को अपराजिता सारंगी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर धर्मेंद्र प्रधान के पक्ष में बयान दिया. उन्होंने लिखा कि नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देना बेहद साहस का काम है. वह इस कठिन समय में धर्मेंद्र प्रधान के साथ मजबूती से खड़ी हैं. हालांकि सांसद कार्यालय के असिस्टेंट धनेश्वर बारिक ने बेटी का बचाव किया. उन्होंने कहा आज के समय में हर किसी को अपनी बात रखने का अधिकार है.
इस्तीफे के बाद संसद पहुंचे धर्मेंद्र प्रधान, जिंदाबाद के नारों के बीच पाग पहनाकर हुआ स्वागत
पूर्व केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान शनिवार को इस्तीफा देने के बाद पहली बार आज सोमवार को संसद पहुंचे. इस दौरान उनका मकर द्वार एनडीए सांसदों ने जोरदार स्वागत किया. इस स्वागत को लेकर लोग तरह-तरह के कयास लगा रहे हैं. कुछ लोगों का मानना है कि यह स्वागत डैमेज कंट्रोल के लिए किया गया है, ताकि उनकी छवि पर कोई असर न पड़े, तो वहीं कुछ लोगों का मानना है कि पार्टी इसके बहाने यह संदेश देना चाहती है कि इस्तीफा उन्होंने अपनी स्वेच्छा से दिया था. उनके इस फैसले पर पार्टी उनके साथ खड़ी है.
धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा देने के बाद आज संसद में पहली बार पहुंचे थे. लेकिन यहां एनडीए के सांसदों ने उनका भव्य स्वागत किया. सूत्रों की मानें तो पार्टी इस स्वागत के जरिए यह साबित करना चाहती है कि पार्टी द्वारा उनसे इस्तीफा नहीं मांगा गया, बल्कि उन्होंने अपनी स्वेच्छा से इस्तीफा सौंपा है. उनके इस फैसले को लेकर सरकार और संगठन उनके साथ मजबूती के साथ खड़ी है. वहीं, विपक्षी दल मकर द्वार के पास एकत्रित होकर रणनीति बनाने में जुटा है.







