0 दुर्ग जिले की 42 खदानों का उत्खनन निरस्त करने के आदेश , रायपुर में भी फर्शी खदानों की लीज निरस्त हो चुकी
नारायण भोई
रायपुर, प्रदेश में सैकडों गौण खनिज के खदान केवल कागजों में ही चल रहे है। कई खदानों का संचालन खनिज नियमों के विपरित हो रहा है। कई खदानों में तो साल भर से ज्यादा समय से बांद पडे है, जहां बरसों से उत्पादन बंद है। बहरहाल अब रायपुर एवं दुर्ग जिले में बंद खदानों के खनिज पट्टों का निरस्तीकरण शुरु हो गया है। दुर्ग कलेक्टर के अनुमोदन पश्चात उपसंचालक खनिज प्रशासन जिला दुर्ग ने जिले के 42 खदानों का उत्खनिपट्टा निरस्त करने आदेश जारी किया है।
जानकारी के मुताबिक प्रदेश में अनेक पट्टेदारों के गौण उत्खनिपट्टा स्वीकृत किए गए है। इसमें से कई खदान बंद पडे हैं अथवा खदान में उत्पादना ही नहीं हो रहा है। कहीं कहीं खदान के नाम पर अतिक्रमण किया जा रहा है,जो आवैधानिक कृत्य है। साथ ही खनिज नियमों का उलंघन भी है। खानिज अमले को इन खदानों का जायजा लेने की भी फुर्सता नहीं है, जबकि अब खदानों की निगरानी ड्रोन से की जा रही है।
बहारहाल जिला दुर्ग (छ.ग.) के अंतर्गत स्वीकृत उत्खनिपट्टों के नस्तियों, खदानों का परीक्षण एवं निरीक्षण किया गया। इस दौरान बहुत से खदानों में स्वीकृत गौण खनिज उत्खनिपट्टा के नस्ती दस्तावेजों के अनुसार लगातार 12 माह से अधिक अवधि तक उत्पादन एवं प्रेषण का कार्य नही पाया गया। जिसके कारण छग गौण खनिज नियम 2015 के नियम 51 (6) के तहत उक्त उत्खनिपट्टा लेप्स की श्रेणी में आ गई है।
छत्तीसगढ़ गौण खनिज नियम 2015 के नियम 51 (6) के अनुसार जहां पट्टा निष्पादन की तारीख से एक वर्ष की कालावधि के भीतर खनन संक्रियाएं प्रारंभ नहीं की गई हैं या ऐसी संक्रियाओं के ऐसे प्रारंभ करने के पश्चात् लगातार बारह माह की अवधि के लिए बंद कर दी जाती है वहां स्वीकृतिकर्ता प्राधिकारी आदेश द्वारा उत्खनन पट्टा निरस्त घोषित किए जा सकते हैं। जिसके तहत स्वीकृत उक्त गौण खनिज उत्खनिपट्टा को छग गौण खनिज नियम 2015 के नियम 51 (6) के तहत उत्खनिपट्टों को निरस्त घोषित किया गया है। ऐसे ही कई पट्टेदारों द्वारा मासिक पत्रक अप्राप्त होने से छ.ग. गौण खनिज नियम 2015 के नियम 51 (6) अंतर्गत उत्खनिपट्टा निरस्त करने आदेश जारी किया गया है।
निरस्त उत्खनिपट्टा में सर्वाधिक 27 चूना पत्थर के निरस्त किए गए। उत्खनिपट्टा में सर्वाधिक 27 चूना पत्थर के है। इसी प्रकार 1 डोलोमाइट, 2 क्वार्टाइज एवं 12 मिट्टी के हैं निरस्त किए गए ये खदान पतोरा, सेलूद, गुढ़ीयारी, चुनकट्टा, परसाही, अचानकपुर, ढौर, धौराभांठा, केसरा, सिकोला, मगरघटा, कुम्हारी, घुघसीडीह, कचांदूर, खुरसुल, चंगोरी, पेण्ड्रीतराई, कंदई, राजपुर, अकोला आदि ग्रामों में संचालित है। बता दें कुछ माह पहले न्यायालया के आदेश के बाद रायपुर जिले के निसदा में आधा दर्जन से ज्यादा फर्शी खदान की लीज निरस्त की गई थी।
छत्तीसगढ़ में 2,000 गौण खनिज खदानें
छत्तीसगढ़ में लगभग 2,000 गौण खनिज खदानें हैं। राज्य में रेत, मुरम, साधारण मिट्टी, इमारती पत्थर और ग्रेनाइट जैसे 37 प्रकार के गौण खनिज पाए जाते हैं। हालांकि, विभाग द्वारा इनकी कुल सटीक श्रेणीवार संख्या सार्वजनिक रूप से अलग से जारी नहीं की जाती है। छत्तीसगढ़ में कुल खनिज राजस्व का लगभग 3.79% हिस्सा गौण खनिजों से आता है।







