रायपुर, कमल विहार योजना के दौरान आई वित्तीय अड़चनों और कर्ज के संकट से सफलतापूर्वक उबरने के बाद रायपुर विकास प्राधिकरण (आरडीए) ने एक बार फिर बड़ा कदम उठाया है। नवा रायपुर के करीब स्थित पिरदा और तुलसी गांव की लगभग 355 एकड़ जमीन पर एक अत्याधुनिक टाउनशिप विकसित करने की योजना तैयार की गई है। इस नई योजना की सबसे बड़ी खूबी यह है कि इसमें जमीन देने वाले भू-स्वामियों के हितों का विशेष ध्यान रखा गया है।
आरडीए के इस नए प्रोजेक्ट में शामिल आठ सौ उनासी भू-स्वामियों को उनकी जमीन के नियोजित विकास के बाद चालीस प्रतिशत विकसित भूखंड वापस लौटाए जाएंगे। इसका मतलब यह है कि किसानों या भू-स्वामियों की जमीन पूरी तरह से नहीं छीनी जाएगी, बल्कि विकसित क्षेत्र में प्राइम लोकेशन के भूखंड मिलने से उनकी संपत्ति का मूल्य कई गुना बढ़ जाएगा। प्राधिकरण ने इसके लिए दावे और आपत्तियां मंगाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
आरडीए के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अवनीश शरण के अनुसार इस पूरी प्रक्रिया को दिसंबर तक अंतिम रूप देने का लक्ष्य रखा गया है। टाउनशिप में चौड़ी सड़कें, आधुनिक ड्रेनेज सिस्टम, जलापूर्ति, बिजली नेटवर्क, पार्क और व्यावसायिक परिसर जैसी सभी बुनियादी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। प्राधिकरण का पूरा प्रयास है कि पिछली योजनाओं की गलतियों को न दोहराते हुए इस प्रोजेक्ट को पूरी तरह से पारदर्शी और सफल बनाया जाए।
दिसंबर तक अंतिम रूप देने की तैयारी
आरडीए ने योजना से प्रभावित भू-स्वामियों को दावे और आपत्तियां प्रस्तुत करने का अवसर दिया है। इनका निराकरण करने के बाद योजना को अंतिम रूप दिया जाएगा। प्राधिकरण ने पूरी प्रक्रिया दिसंबर तक पूरी करने का लक्ष्य रखा है। इसके बाद लेआउट, विकास कार्य और भू-स्वामियों को विकसित भूखंड लौटाने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। योजना की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि दावे-आपत्तियों का निराकरण कितना पारदर्शी रहता है और विकास कार्य तय समयसीमा में कितनी तेजी से पूरे होते हैं।







