रायपुर, नवा रायपुर के नकटी गांव में मकान टूटने के बाद ग्रामीण कांग्रेस नेताओं के साथ मुख्यमंत्री आवास के गेट पर धरने पर बैठे रहे। रात तक यह सियासी घमासान चलता रहा। इधर, राजधानी से लगे नकटी गांव का विवाद अभी थमा नहीं कि अब तूता गांव में भी कार्रवाई की आहट ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। नवा रायपुर विकास प्राधिकरण (एनआरडीए) ने तूता के 30 से अधिक परिवारों को नोटिस जारी कर तीन दिन के भीतर जवाब मांगा है। नोटिस में स्पष्ट लिखा गया है कि अतिक्रमण पर 6 जुलाई तक जवाब पेश नहीं करने पर एकपक्षीय कार्रवाई की जाएगी।
नोटिस मिलते ही गांव में दहशत का माहौल है और प्रभावित परिवार आंदोलन की तैयारी में जुट गए हैं। ग्रामीणों का दावा है कि नोटिस पाने वालों में बड़ी संख्या ऐसे परिवारों की है, जिनके मकान प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बने हैं। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि यदि सरकारी योजना के तहत बने मकान हैं, तो अब उन्हें किस आधार पर नोटिस दिया जा रहा है। नकटी में भी इसी तरह के विवाद के बाद राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर बहस छिड़ी थी।
नकटी में मकान टूटने के बाद नोटिस
जानकारी के अनुसार, एनआरडीए ने 30 जून से अब तक अलग-अलग तारीखों में नोटिस जारी किए हैं। नोटिस में संबंधित परिवारों से भूमि और निर्माण के संबंध में अपना पक्ष रखने को कहा गया है। साथ ही चेतावनी दी गई है कि निर्धारित समय में जवाब नहीं मिलने पर विभाग उपलब्ध रिकॉर्ड के आधार पर एकपक्षीय निर्णय ले सकता है। एनआरडीए ने यह नोटिस मकान टूटने के बाद जारी किया है।
गयाराम पिता नथेलूराम का नोटिस सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। एनआरडीए ने उनसे पूछा है कि खसरा नंबर 645 रकबा 25.96 के भाग में 700 वर्गफीट तक पक्का निर्माण किया गया है। जो कि छत्तीसगढ़ भू-राजस्व संहिता 1959 की धारा 248 के तहत कार्यवाही योग्य है। 6 जुलाई 2026 तक सुबह 11 बजे तक कार्यालय में उपस्थित होकर अपना जवाब प्रस्तुत करें। आपकी अनुपस्थिति पर एकक्षीय कार्यवाही की जाएगी। अधिकारियों ने कहा- यह रूटीन प्रक्रिया
नवा रायपुर-अटल नगर विकास प्राधिकरण , प्रबंधक (भूमि), रश्मि वर्मा ने कहा कि तूता के कुछ ग्रामीणों को अतिक्रमण के संबंध में नोटिस जारी किया गया है। यह रूटीन प्रक्रिया है। 6 जुलाई तक ग्रामीणों से जवाब मांगा गया है। हालांकि ग्रामीण इस दलील से संतुष्ट नहीं हैं। उनका कहना है कि नोटिस के कारण पूरे गांव में भय का माहौल है और लोग अपने आशियाने को लेकर असमंजस में हैं। नकटी के बाद तूता में भी विरोध हो गया है। शुक्रवार को ग्रामीणों ने नोटिस हाथ में लेकर शासन के नोटिस के खिलाफ नारेबाजी की।
सीएम हाउस पहुंच मार्ग के बाहर धरने पर बैठे ग्रामीण
नकटी गांव में प्रस्तावित बेदखली कार्रवाई के विरोध में कांग्रेस ने ग्रामीणों के साथ शुक्रवार को आंदोलन तेज कर दिया। पहले वित्त मंत्री के सरकारी आवास के बाहर प्रदर्शन करने के बाद कांग्रेस नेताओं और प्रभावित ग्रामीणों ने गांधी उद्यान की ओर मुख्यमंत्री निवास पहुंत मार्ग के बाहर धरना शुरू कर दिया। प्रदर्शन को देखते हुए प्रशासन ने मुख्यमंत्री आवास के आसपास सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी और बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया। प्रदर्शन के दौरान रायपुर कलेक्टर गौरव सिंह ने आंदोलनकारियों के 10 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल को चर्चा के लिए बुलाने की अनुमति दी। प्रतिनिधिमंडल कलेक्टर के समक्ष ग्रामीणों की समस्याएं, बेदखली नोटिस और आवास से जुड़े मुद्दों पर अपना पक्ष रखेगा।







