नईदिल्ली, कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संसद चलो आंदोलन ने सोमवार को दिल्ली की सड़कों पर हिंसक रूप ले लिया. प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाबलों के बीच जगह-जगह हुए तीखे टकराव के बाद दिल्ली पुलिस ने कड़ा एक्शन शुरू कर दिया है. सूत्रों के मुताबिक, अलग-अलग इलाकों से अब तक 70 से ज्यादा हुड़दंगियों को हिरासत में लिया जा चुका है. इस झड़प में दिल्ली पुलिस और अर्धसैनिक बलों के 50 से अधिक जवान गंभीर रूप से घायल हुए हैं. एक्शन में आई पुलिस अब उपद्रवियों पर कानूनी शिकंजा कसने के लिए कई एफआईआर दर्ज कर रही है. पूरे इलाके के सीसीटीवी फुटेज और सोशल मीडिया वीडियो खंगाले जा रहे हैं, ताकि चेहरों की पहचान कर सख्त से सख्त कार्रवाई की जा सके.
इधर सफदरजंग अस्पताल के बेड से सोनम वांगचुक ने आर-पार का ऐलान कर दिया है. अनशन के 23वें दिन उन्होंने साफ कहा कि युवाओं पर पुलिसिया सख्ती देखकर उनका इरादा और मजबूत हो गया है. जब तक छात्रों को संसद में बात रखने का हक नहीं मिलता, अनशन जारी रहेगा. सीजेपी संसद मार्च के बीच राजधानी में दो और बड़े घटनाक्रम हुए हैं. एक ओर दिल्ली हाई कोर्ट ने सोनम वांगचुक की सेहत पर चिंता जताते हुए कहा कि ‘पहले जान बचाना जरूरी है’ और मेडिकल रिपोर्ट तलब कर ली हैं. दूसरी ओर, सड़कों पर मुस्तैद दिल्ली पुलिस ने मोर्चा संभालते हुए प्रदर्शनकारियों से शांति की अपील की है और लोगों को सोशल मीडिया की अफवाहों से दूर रहने की सख्त हिदायत दी है. नीट पेपर लीक के खिलाफ कॉकरोच जनता पार्टी (CJP Protest) का संसद मार्च सोमवार को बेहद हिंसक हो गया. पार्लियामेंट स्ट्रीट के पास प्रदर्शनकारियों द्वारा किए गए भारी पथराव में ड्यूटी पर तैनात कई पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हो गए हैं. सामने आई तस्वीरों में घायल जवानों के सिर और नाक पर पट्टियां बंधी दिखाई दे रही हैं.
अस्पताल से सोनम वांगचुक का भावुक संदेश
सफदरजंग अस्पताल में भर्ती सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने अपने अनशन के 23वें दिन एक हाथ से लिखा संदेश जारी कर आंदोलन जारी रखने का ऐलान किया है. वांगचुक ने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे युवाओं के साथ जिस तरह की बर्बरता की जा रही है, उसे देखते हुए उन्होंने अपना उपवास जारी रखने का फैसला किया है. उन्होंने शर्त रखी है कि उनका अनशन तब तक जारी रहेगा, जब तक युवा नेताओं को संसद भवन में सांसदों से मिलने की अनुमति नहीं मिल जाती या फिर उन्हें खुद अस्पताल में उनसे मिलने की इजाजत नहीं दी जाती. उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार इससे पहले शिक्षा मंत्री की जवाबदेही तय करेगी. वांगचुक ने उकसावे के बावजूद शांति बनाए रखने के लिए युवाओं की तारीफ की और सरकार से छात्रों को संसद के सामने अपनी शिकायतें रखने की अनुमति देकर इस
मंच हटने के बाद भी नहीं थमा आंदोलन, केरल हाउस के सामने डटे सीजेपी नेता
दिल्ली पुलिस द्वारा जंतर-मंतर से मुख्य धरना मंच हटाए जाने के बाद भी प्रदर्शनकारियों के हौसले पस्त नहीं हुए हैं. ‘कॉकरोच इज बैक’ नामक हैंडल से एक्स पर जानकारी दी गई है कि सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दिपके, सौरव दास, आशुतोष रांका और सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि जे. अंगमो का विरोध प्रदर्शन अब भी जारी है. मुख्य धरना स्थल खाली होने के बाद इन सभी नेताओं ने जंतर-मंतर पर स्थित केरल हाउस के ठीक सामने मोर्चा संभाल लिया है और वहीं सड़क पर बैठकर अपना धरना जारी रखा है. प्रदर्शनकारियों का साफ कहना है कि उनका यह शांतिपूर्ण आंदोलन इतनी आसानी से खत्म होने वाला नहीं है.
दिल्ली पुलिस ने हटाया सोनम वांगचुक का धरना मंच, जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों की नो-एंट्री
दिल्ली के जंतर-मंतर से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर आ रही है. दिल्ली पुलिस ने एक बड़ा एक्शन लेते हुए उस मंच को पूरी तरह हटा दिया है जहां सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक और सीजेपी (CJP) के कार्यकर्ता अनिश्चितकालीन धरने और भूख हड़ताल पर बैठे हुए थे. पुलिस ने पूरे जंतर-मंतर इलाके को खाली करा लिया है. सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करते हुए प्रशासन ने अब इस निर्धारित विरोध स्थल पर किसी भी नए प्रदर्शनकारी के एंट्री पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया है.
सोनम वांगचुक के इलाज पर दिल्ली हाई कोर्ट सख्त, कहा- ‘पहले जान बचाना प्राथमिकता’, कल होगी सुनवाई
दिल्ली हाईकोर्ट सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि जे. अंगमो की याचिका पर मंगलवार 21 जुलाई को सुनवाई करेगा. याचिका में वांगचुक को सफदरजंग अस्पताल से उनकी पसंद के अस्पताल में स्थानांतरित करने की मांग की गई है. कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि उसकी तात्कालिक चिंता पहले उनकी जान बचाना है और उनके वर्तमान स्वास्थ्य की स्पष्ट जानकारी मांगी है. हाईकोर्ट ने सफदरजंग, एम्स और निजी लैब की सभी पैथोलॉजिकल रिपोर्ट्स रिकॉर्ड पर लाने के निर्देश दिए हैं. साथ ही, सफदरजंग के डॉक्टरों और वांगचुक के निजी चिकित्सक को अगली सुनवाई में मौजूद रहने को कहा है.
प्रदर्शनकारियों से मुलाकात पर बोले जेपी नड्डा, कहा- धरना समाप्त कर सामान्य स्थिति बहाल करने में करें मदद
केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर सीजेपी प्रदर्शनकारियों के डेलिगेशन के साथ हुई बैठक की जानकारी साझा की है. उन्होंने बताया कि सुबह 11:50 बजे से ही सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच बातचीत का सिलसिला जारी रहा. सौहार्दपूर्ण वातावरण में हुई इस मुलाकात के दौरान पहले मौखिक चर्चा हुई और फिर शाम करीब 4 बजे डेलिगेशन द्वारा लिखित याचिका (मांग पत्र) सौंपी गई. जेपी नड्डा ने सभी प्रदर्शनकारियों से अपना धरना समाप्त करने और दिल्ली में सामान्य स्थिति बहाल करने के लिए प्रशासन की मदद करने की अपील की है.







