क्या आपको मालूम है कि महिलाएं भी क्रिकेट खेलती है? उत्तर जरूर, हां में होगा।
क्या आप जानते है कि महिलाएं क्रिकेट के सबसे अहम फॉर्मेट टेस्ट में कब से खेल रही है, दूसरा हिंदुस्तान की महिला क्रिकेट टीम कब से टेस्ट खेल रही है? इसका उत्तर खोजने के लिए गूगल में जाना होगा
मै बता देता हूं कि पुरुषों ने 1877और महिलाओं ने1934 से टेस्ट खेलना शुरू किया। हिंदुस्तान की महिलाओं ने पुरुषों के 1932 के खेलने के चौवालीस साल बाद 1976 से टेस्ट खेलना शुरू किया।
दरअसल हिंदुस्तान की महिला क्रिकेट टीम की लॉर्ड्स के मैदान में इंग्लैंड को हराने के बाद दोनों टीम की कप्तानों ने इस बात पर जोर दिया कि महिला क्रिकेट टीम को टेस्ट खेलने के ज्यादा अवसर दिए जाने चाहिए।
तुलनात्मक रूप दे हिंदुस्तान की पुरुष और महिला क्रिकेट टीम की तुलना करे तो हिंदुस्तान की पुरुष क्रिकेट टीम अब तक 599 टेस्ट खेल चुके है जबकि महिलाएं पचास साल में कुल जमा 43 टेस्ट खेली है।
हिंदुस्तान में सचिन तेंदुलकर 200 टेस्ट अकेले खेले है। महिलाओं में सुधा शाह सर्वाधिक 21 टेस्ट खेली है। हिंदुस्तान में 10 से अधिक टेस्ट खेलने वाली कुल तेरह महिला खिलाड़ी है।सुधा शाह 21डायना इन्डुलज़ी 20,शुभांगी कुलकर्णी 19, शांता रंगास्वामी 16, संध्या अग्रवाल ,शशि गुप्ता 13-13,अंजुम चोपड़ा, झूलन गोस्वामी और मिताली राज 12-12, शर्मिला चक्रवर्ती, सुनीता शर्मा और वृंदा भगत 11-11टेस्ट खेली हैं सबका योग देखे तो 183 टेस्ट होता है ।सचिन तेंदुलकर अकेले हो चौबीस साल में 200टेस्ट खेल गए।
हिंदुस्तान महिला क्रिकेट टीम की वर्तमान कप्तान हरमनप्रीत कौर और उपकप्तान स्मृति मंधना ग्यारह साल से सदस्य है। इन दोनों ने अब तक क्रमशः 7 और 8 टेस्ट खेले है।
इन जानकारियों से अंदाजा लगाया जा सकता है कि दुनियां के तमाम क्रिकेट खेलने वाले देशों में महिलाओं के क्रिकेट खेल में कितनी गम्भीरता है।
संजयदुबे







