भोपाल,मध्यप्रदेश के तेज तर्रार आइपीएस अधिकारी रह चुके रिटायर्ड स्पेशल डीजीपी शैलेष सिंह और उनके क्रिकेटर बेटे शशांक सिन्ह पर रातीबड़ थाने में मारपीट सहित अन्य धाराओं में केस दर्ज हुआ है। दोनों पर उनके घरेलू नौकर ने बंधक बनाकर पिटाई करने और मोबाइल छीनने का आरोप लगाया है। स्पेशल डीजी पुलिस से रिटायर हुए शैलेष सिंह रातीबड़ थाना क्षेत्र में डीपीएस स्कूल के समीप मेंडोरी में परिवार के साथ रहते हैं। उन पर हाल ही में नौकरी पर रखे गए रीवा के चौखंडी थाना जवा निवासी नौकर विपेंद्र सिंह तोमर ने मारपीट का आरोप लगाया है। भोपाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
खास बात यह है कि क्रिकेटर शशांक सिंह के पिता का यह कोई नया विवाद नहीं है। पूर्व डीजीपी की परिजनों ने भी शिकायत की है, उनकी गाड़ी पर हमला भी हो चुका है। बहारहाल मारपीट, गाली-गलौज करने और बंधक बनाने के आरोप में क्रिकेटर और उनके रिटायर्ड IPS अफसर पिता शैलेष सिंह के खिलाफ पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है. BNS की धारा 296(B), 115 (2) और धारा 3(5) के तहत FIR फाइल की गई है.
इस पूरे मामले में क्रिकेटर शशांक और उनके पिता के साथ परिवार के ड्राइवर को भी आरोपी बनाया गया है. मामला रातीबड़ थाना क्षेत्र के मेंडोरी का है. आज तक की रिपोर्ट के मुताबिक जहां रीवा के रहने वाले विपेंद्र सिंह तोमर (31 साल) IPL क्रिकेटर के घर में रसोइये का काम करते हैं. उन्होंने पुलिस से शिकायत की है.

शिकायत में उन्होंने बताया कि एक परिचित के माध्यम से 15 हजार रुपये की मासिक वेतन, रहने और खाने की सुविधा के साथ उसे यहां लाया गया था. इसके साथ ही भविष्य में सरकारी नौकरी का वादा किया गया था. शिकायत में पीड़ित ने बताया कि काम शुरू करने के बाद उस पर खाने के टेस्ट और क्वालिटी को लेकर मानसिक दबाव बनाया जाने लगा. उसके साथ गाली गलौज भी की गई.
रसोइये ने पुलिस को यह भी बताया कि भारी दबाव के बीच उसने नौकरी छोड़ने के साथ रीवा जाने की इच्छा जताई. इस पर उसका मोबाइल छीन लिया गया ताकि उससे कोई संपर्क ना कर सके. इसके बाद जबरन काम करने का प्रेशर बनाया जाने लगा. पीड़ित ने बताया कि इन सबके के बाद उसने खुद को कमरे में बंद कर लिया. आरोप है कि क्रिकेटर, उनके पिता और ड्राइवर तीनों ने मिलकर कुक को पीटा. पुलिस ने जब मेडिकल करवाया तो चोट के निशान मिले हैं.







