बलौदाबाजार, छत्तीसगढ के बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के कसडोल तहसील के ग्राम सिनोधा में महानदी से अवैध रेत परिवहन के खिलाफ प्रशासन की कार्रवाई के दौरान एक ट्रैक्टर चालक किसान द्वारा जहरीला पदार्थ सेवन करने का मामला सामने आया है। प्रशासन ने तत्काल चालक को अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उपचार के बाद उसकी हालत सामान्य बताई जा रही है। चिकित्सकों के अनुसार वह अब खतरे से बाहर है।
जानकारी के अनुसार गुरुवार को नायब तहसीलदार आकांक्षा तिवारी ने निरीक्षण के दौरान अवैध रूप से रेत परिवहन कर रहे एक ट्रैक्टर को जब्त कर थाना कसडोल के सुपुर्द किया। कार्रवाई से क्षुब्ध होकर ट्रैक्टर चालक किसान कमल ओगरे ने कथित तौर पर जहरीले पदार्थ का सेवन कर लिया। सूचना मिलते ही प्रशासन ने उसे तत्काल अस्पताल पहुंचाया।
इस मामले की जांच के लिए कलेक्टर ने एसडीएम कसडोल आर.आर. दुबे के नेतृत्व में जांच टीम गठित की है। टीम को तीन दिन के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। कलेक्टर ने कहा है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
एसडीएम आर.आर. दुबे ने बताया कि शासन के निर्देशानुसार अवैध रेत उत्खनन और परिवहन के विरुद्ध लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में यह कार्रवाई की गई थी। उन्होंने बताया कि ट्रैक्टर चालक ने नायब तहसीलदार पर रिश्वत मांगने का आरोप लगाया है। इस संबंध में नायब तहसीलदार से स्पष्टीकरण मांगा गया, जिसमें उन्होंने आरोपों को निराधार बताया है। पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जा रही है और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
महानदी क्षेत्र से रेत लेकर लौट रहा था
जानकारी के अनुसार किसान कमल ओगरे का ट्रैक्टर महानदी क्षेत्र से रेत लेकर लौट रहा था.इसी दौरान राजस्व विभाग की टीम ने कार्रवाई करते हुए ट्रैक्टर को जब्त कर लिया .पीड़ित किसान का आरोप है कि ट्रैक्टर छोड़ने के लिए पैसे मांगे गए. किसान का कहना है कि उसकी आर्थिक स्थिति इतनी मजबूत नहीं थी कि वह इतनी बड़ी राशि दे सके. इसी कारण वह मानसिक रूप से परेशान हो गया.
पैसा नहीं दिया तो जब्ती बना दी गई
परिजनों के अनुसार ट्रैक्टर जब्त होने और कथित मांग से परेशान किसान ने बाद में जहरीले पदार्थ का सेवन कर लिया. हालत बिगड़ने पर उसे तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसका उपचार जारी है. पीडित किसान कमल ओगरे ने बताया कि महानदी से मेरा ट्रैक्टर रेत लेकर आ रहा था,जिसे नायब तहसीलदार साहब ने पकड़ा और जब्ती बना दी.जबकि दो और जगह से ट्रैक्टर आए थे उन्हें पैसे लेकर छोड़ दिया गया.लेकिन मेरा नहीं छोड़ा.नायब तहसीलदार को आर्थिक तंगी के कारण मैं राशि नहीं दे पाया इसी बात से परेशान होकर मैंने ऐसा किया।







