रायपुर, छत्तीसगढ़ सरकार ने आपातकाल के दौरान लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष करने वाले मीसाबंदियों और लोकतंत्र सेनानियों के सम्मान में बड़ा फैसला लिया है। राज्य सरकार ने लोकतंत्र सेनानी सम्मान अधिनियम में संशोधन करते हुए सम्मान राशि और सुविधाओं का दायरा बढ़ा दिया है। नए प्रावधानों के तहत पात्र लोकतंत्र सेनानियों को हर महीने 25 हजार रुपये तक सम्मान राशि दी जाएगी। साथ ही उन्हें स्वतंत्रता सेनानियों के समान चिकित्सा सुविधाओं का लाभ भी मिलेगा।
पात्रता के दायरे में आएंगे अधिक लोग
सरकार द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार अब केवल जेल में बंद रहे लोग ही नहीं, बल्कि आपातकाल के दौरान थानों में निरुद्ध किए गए व्यक्तियों को भी योजना का लाभ मिलेगा। इससे कई ऐसे लोग भी योजना के दायरे में आएंगे, जो अब तक इससे वंचित थे।देश में वर्ष 1975 से 1977 के बीच आपातकाल लागू किया गया था। इस दौरान कई राजनीतिक कार्यकर्ताओं, सामाजिक नेताओं और लोकतांत्रिक अधिकारों की आवाज उठाने वाले लोगों को गिरफ्तार कर जेलों में रखा गया था। ऐसे लोगों को लोकतंत्र सेनानी या मीसाबंदी कहा जाता है। इन लोगों ने कठिन परिस्थितियों में लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए संघर्ष किया था।
अलग-अलग अवधि के हिसाब से मिलेगी सम्मान राशि
संशोधित नियमों के तहत निरुद्ध रहने की अवधि के अनुसार सम्मान राशि तय की गई है। एक माह तक जेल या थाने में निरुद्ध रहने वालों को 8 हजार रुपये प्रतिमाह। एक माह से अधिक और पांच माह तक निरुद्ध रहने वालों को 15 हजार रुपये प्रतिमाह। लंबी अवधि तक कारावास झेलने वाले पात्र लोकतंत्र सेनानियों को 25 हजार रुपये प्रतिमाह तक सम्मान राशि दी जाएगी।
चिकित्सा सुविधाओं का भी मिलेगा लाभ
सरकार ने केवल आर्थिक सहायता तक ही योजना को सीमित नहीं रखा है। अब पात्र लोकतंत्र सेनानियों को स्वतंत्रता सेनानियों की तरह चिकित्सा सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी। इससे बुजुर्ग लोकतंत्र सेनानियों को इलाज और स्वास्थ्य सेवाओं में बड़ी राहत मिलेगी।
आवेदन के लिए 90 दिन का समय
सरकार ने योजना का लाभ लेने के लिए आवेदन प्रक्रिया भी निर्धारित की है। पात्र व्यक्तियों को अधिसूचना जारी होने के 90 दिनों के भीतर आवेदन करना होगा। आवेदन संबंधित जिला कलेक्टर या जिला मजिस्ट्रेट कार्यालय में जमा किए जाएंगे।आवेदन के साथ जिला पुलिस अधीक्षक द्वारा जारी प्रमाण पत्र जमा करना होगा, जिससे यह साबित हो सके कि संबंधित व्यक्ति आपातकाल के दौरान निरुद्ध या कारावास में रहा था। इसके बाद जिला स्तरीय समिति दस्तावेजों की जांच कर पात्रता तय करेगी।
जिला स्तर पर बनेगी समिति
सरकार ने पारदर्शिता बनाए रखने के लिए जिला स्तरीय समिति गठित करने का निर्णय लिया है। इस समिति की अध्यक्षता जिले के प्रभारी मंत्री करेंगे। समिति आवेदनों की जांच कर पात्र लोगों की सूची तैयार करेगी, जिसके बाद उन्हें सम्मान राशि और अन्य सुविधाएं प्रदान की जाएंगी।
लंबे समय से उठ रही थी मांग
लोकतंत्र सेनानी संगठनों द्वारा लंबे समय से सम्मान राशि बढ़ाने और चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की जा रही थी। उनका कहना था कि लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष करने वालों को उचित सम्मान और सुरक्षा मिलनी चाहिए। सरकार के इस फैसले को उनकी मांगों की पूर्ति की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।







