रायपुर, छत्तीसगढ़ सरकार ने तृतीय और चतुर्थ श्रेणी की सरकारी भर्तियों की प्रक्रिया में बड़ा बदलाव किया है। सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) ने कर्मचारी चयन मंडल नियम, 2026 लागू कर दिए हैं। नए नियमों के तहत अब आवेदन से लेकर नियुक्ति तक की पूरी प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, समयबद्ध और व्यवस्थित होगी। सबसे बड़ा बदलाव यह है कि अभ्यर्थियों को आवेदन करते समय ही अपनी पसंदीदा पोस्ट और विभाग का चयन करना होगा, जिसे बाद में बदला नहीं जा सकेगा।
नई व्यवस्था के अनुसार उम्मीदवारों को आवेदन करते समय उपलब्ध पदों और विभागों के लिए अपनी प्राथमिकता दर्ज करनी होगी। आवेदन जमा होने के बाद इस प्राथमिकता सूची में किसी भी प्रकार का संशोधन संभव नहीं होगा। अंतिम चयन केवल उन्हीं पदों के लिए किया जाएगा, जिन्हें अभ्यर्थी ने अपनी प्राथमिकता सूची में शामिल किया होगा।
आवेदन से पहले प्रोफाइल रजिस्ट्रेशन अनिवार्य
सरकारी भर्ती में शामिल होने वाले सभी अभ्यर्थियों को आवेदन करने से पहले कर्मचारी चयन मंडल की वेबसाइट पर प्रोफाइल रजिस्ट्रेशन करना होगा। इसके लिए आधार प्रमाणीकरण भी अनिवार्य किया गया है। इसके बाद ही उम्मीदवार भर्ती प्रक्रिया में शामिल हो सकेंगे।
अब नहीं बनेगी वेटिंग या रिजर्व लिस्ट
नई भर्ती व्यवस्था में केवल विज्ञापित रिक्तियों के बराबर ही अंतिम चयन सूची जारी की जाएगी। अंतिम मेरिट सूची तैयार करते समय लिखित परीक्षा के अंक, पद प्राथमिकता और आरक्षण नियमों को आधार बनाया जाएगा। सरकार ने स्पष्ट किया है कि अंतिम परिणाम के बाद वेटिंग लिस्ट, रिजर्व लिस्ट या प्रतीक्षा सूची जारी नहीं की जाएगी।
कौशल और शारीरिक परीक्षा के नए नियम
जिन पदों पर कौशल परीक्षा या शारीरिक दक्षता परीक्षा अनिवार्य होगी, वहां लिखित परीक्षा के आधार पर रिक्तियों के 15 गुना अभ्यर्थियों को अगले चरण के लिए बुलाया जाएगा। यह परीक्षा केवल क्वालिफाइंग होगी और इसके अंक अंतिम मेरिट में नहीं जुड़ेंगे। संबंधित विभाग को यह परीक्षा तीन महीने के भीतर पूरी करनी होगी।
हर साल अगस्त में जारी होगा परीक्षा कैलेंडर
कर्मचारी चयन मंडल अब हर वर्ष अगस्त महीने में संभावित रिक्तियों के आधार पर भर्ती परीक्षाओं का वार्षिक कैलेंडर जारी करेगा। साथ ही राज्य में होने वाली प्रमुख प्रवेश और पात्रता परीक्षाओं का संभावित कार्यक्रम भी सार्वजनिक किया जाएगा, ताकि अभ्यर्थी पहले से अपनी तैयारी की योजना बना सकें।
दस्तावेज अपलोड और सत्यापन की तय समयसीमा
अंतिम चयन सूची में शामिल उम्मीदवारों को 15 दिनों के भीतर आधार सत्यापन पूरा कर आवश्यक दस्तावेज ऑनलाइन अपलोड करने होंगे। यदि किसी दस्तावेज में त्रुटि पाई जाती है तो अभ्यर्थी को 7 दिनों के भीतर दावा-आपत्ति दर्ज करने का अवसर मिलेगा, जिसका निपटारा विभाग 15 दिनों में करेगा।
एक महीने में पूरी होगी नियुक्ति प्रक्रिया
सूची जारी होने के बाद संबंधित विभाग को एक महीने के भीतर दस्तावेज सत्यापन और नियुक्ति प्रक्रिया पूरी करनी होगी। नियुक्ति पत्र मिलने के बाद चयनित अभ्यर्थी को 30 दिनों के भीतर कार्यभार ग्रहण करना अनिवार्य होगा। निर्धारित समय में जॉइन नहीं करने पर संबंधित पद रिक्त माना जाएगा और अभ्यर्थिता समाप्त हो सकती है।
अभ्यर्थियों पर क्या होगा असर?
नए नियमों का सबसे बड़ा असर भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और समयबद्धता के रूप में दिखाई देगा। उम्मेदवारों को आवेदन करते समय ही अपनी प्राथमिकताएं सोच-समझकर तय करनी होंगी, क्योंकि बाद में बदलाव का कोई अवसर नहीं मिलेगा। वहीं वेटिंग लिस्ट समाप्त होने से चयन प्रक्रिया अधिक स्पष्ट और निश्चित होने की उम्मीद है। सरकार का मानना है कि इन बदलावों से भर्ती प्रक्रिया तेज, निष्पक्ष और अधिक प्रभावी बनेगी।







