बिलासपुर, छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में सोमवार से नया न्यायिक रोस्टर लागू हो जाएगा। चीफ जस्टिस की ओर से जारी नए रोस्टर के तहत डिवीजन बेंच और सिंगल बेंच में मामलों का नए सिरे से बंटवारा किया गया है। इसका उद्देश्य विभिन्न प्रकार के मामलों की सुनवाई को अधिक व्यवस्थित और समयबद्ध बनाना है। नए रोस्टर के अनुसार चार डिवीजन बेंच अलग-अलग श्रेणी के मामलों की सुनवाई करेंगी, जबकि सिंगल बेंचों को भी विषयवार और वर्षवार जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।
नए रोस्टर के तहत हाईकोर्ट में चार डिवीजन बेंच कार्य करेंगी।
- डिवीजन बेंच-1 में चीफ जस्टिस और जस्टिस रविंद्र कुमार अग्रवाल जनहित याचिकाओं (PIL), रिट अपील, हेबियस कॉर्पस, आपराधिक अपील और अन्य महत्वपूर्ण मामलों की सुनवाई करेंगे।
- डिवीजन बेंच-2 में जस्टिस संजय के. अग्रवाल और जस्टिस राधाकिशन अग्रवाल आपराधिक मामलों और वर्ष 2022 तक के अल्ट्रा वायर्स मामलों की सुनवाई करेंगे।
- डिवीजन बेंच-3 को वर्ष 2016 से आगे की एक्विटल (दोषमुक्ति) अपीलों की सुनवाई की जिम्मेदारी दी गई है।
- डिवीजन बेंच-4 में सिविल, कंपनी, टैक्स और वैवाहिक मामलों से संबंधित अपीलों की सुनवाई होगी।
सिंगल बेंच को भी मिली नई जिम्मेदारियां
नए रोस्टर में सिंगल बेंचों के कार्यक्षेत्र का भी स्पष्ट निर्धारण किया गया है। अलग-अलग न्यायाधीशों को सर्विस रिट, सिविल रिवीजन, मोटर व्हीकल एक्ट से जुड़े मामले, आपराधिक अपील, द्वितीय अपील और अन्य विषयों की सुनवाई की जिम्मेदारी सौपी गई है। मामलों का वर्गीकरण विषय और वर्ष के आधार पर किया गया है, ताकि लंबित प्रकरणों का शीघ्र निपटारा हो सके।
चीफ जस्टिस की स्पेशल बेंच भी करेगी सुनवाई
चीफ जस्टिस की स्पेशल बेंच में जमानत आवेदन, आपराधिक पुनरीक्षण (क्रिमिनल रिवीजन), टांसफर याचिकाओं और अन्य विशेष मामलों की सुनवाई की जाएगी। ऐसे मामलों को प्राथमिकता के आधार पर सूचीबद्ध किया जाएगा।
दोपहर बाद भी चलेगी कुछ बेंचों की सुनवाई
रोस्टर में यह भी स्पष्ट किया गया है कि कुछ सिंगल बेंचों में सुनवाई दोपहर 2:15 बजे से शुरू होगी या संबंधित डिवीजन बेंच की सूची पूरी होने के बाद निर्धारित मामलों की सुनवाई की जाएगी। इससे न्यायिक कार्यों के बेहतर प्रबंधन और मामलों के त्वरित निस्तारण में मदद मिलने की उम्मीद है।







