अर्जुन तिवारी
रायपुर,राजधानी रायपुर में मोहल्लों के पास बेहतर प्राथमिक इलाज के उद्देश्य से शुरू किए गए हमर क्लिनिकअब महज दवाई बांटने के केंद्र बनते जा रहे हैं। कुशालपुर स्थित हमर क्लिनिक में न मरीजों की ठीक से जांच हो पा रही है, न ही डॉक्टर की सलाह मिल रही है। अलबत्ता शाम होते ही शराबियों और गजेडियों का अड्डा बनते जा रहा है। ऐसे में अब हमर क्लिनिक को ही इलाज की जरूरत आन पडी है।
हमर क्लिनिक की शुरुआत बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के लिए खासकर गरीबों के छोटे मोटे इलाज के लिए की गई थी, लेकिन वर्तमान में शहर के 50 से अधिक हमर क्लिनिक में से अधिकतर में डॉक्टरों की भारी कमी है। केवल गिनती के कुछ क्लिनिकों में ही डॉक्टर मौजूद हैं, बाकी में नर्सों के भरोसे मरीजों का इलाज चल रहा है। इन क्लिनिकों की दुर्दशा सुधारने के लिए ना तो निगम प्रशासन को फुर्सत है न ही राज्य शासन को। यहां शाम होते ही असामाजिक तत्वों के अड्डे में तब्दील हो जाता है।
ऐसा ही एक हमर क्लिनिक पंडरी में गैस गोडाउन के पास भी बनाया गया है, परंतु इस क्लिनिक में बाउंड्री के प्रावधान होते हुए भी अभी तक बाउंड्री वाल का निर्माण ही नहीं किया गया है। अब इस बाउंड्री विहीन क्लिनिक में शाम सात बजते ही शराबियों और गजेडियो का अड्डा बन जाता है। क्लिनिक के कर्मचारी भी अपना मुंह खोलने की हिम्मत ही नहीं जुटा पाते। संविदा नियुक्त कर्मचारियों को नियमित रुप से हर महीने में वेतन भी नहीं मिल पाता । इनका वेतन भुगतान चालीस प्रतिशत निगम प्रशासन और 60 प्रतिशत प्रदेश शासन द्वारा किया जाता है।
जानकारों का कहना है कि हमर क्लिनिक पंडरी की दयनीय हालत की जानकारी जनप्रतिनिधियों यथा वार्ड पार्षद से लेकर इस क्षेत्र के विधायक को भी है पर इस क्लिनिक की दुर्दशा की ओर कोई ध्यान ही नहीं दे रहे है। ज्ञातव्य है गुरु गोविंद सिंग वार्ड में इस क्लिनिक स्थित है जहां पार्षद कैलाश बेहरा है और रायपुर उत्तर के विधायक पुरंदर मिश्रा है पर बीमार क्लिनिक के इलाज नहीं कर पा रहे है। गत दिनों इस पर चर्चा करते हुए विधायक पुरंदर मिश्रा ने कहा कि बाउंड्री वाल निर्माण के लिए निगम प्रशासन से पहल की जाएगी। ताकि हमर क्लीनिक से गरीबों को बेहत्तर चिकित्सा सुविधा मिल सके।







