रायपुर, छत्तीसगढ़ में महंगाई, रसोई गैस की बढ़ती कीमतों और खरीफ सीजन के दौरान खाद-बीज की भारी किल्लत के कारण किसानों में राज्य सरकार के खिलाफ गहरा आक्रोश देखा जा रहा है। इसके विरोध में मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस के नेतृत्व में किसानों ने राजनांदगांव, मुंगेली और गरियाबंद जैसे कई जिलों में व्यापक स्तर पर चक्का जाम और विरोध प्रदर्शन किया है.अब खाद-बीज संकट और महंगाई को लेकर जगह- जगह किसान सड़कों पर उतर रहे हैं.
कृषि मंत्री रामविचार नेताम के अनुसार, रासायनिक उर्वरकों की आपूर्ति में वैश्विक कारणों से कुछ बाधाएं आई हैं, जिससे निपटने के लिए सरकार ने पर्याप्त मात्रा में नैनो उर्वरक उपलब्ध कराए हैं।

कबीरधाम (कवर्धा) जिले में चीनी मिलों द्वारा गन्ना किसानों का बकाया भुगतान न करने और खाद की कमी को लेकर किसानों ने अनिश्चितकालीन चक्का जाम की चेतावनी दी है। भारतीय किसान यूनियन, जिला नारायणपुर के बैनर तले आज जिले के किसानों ने बढ़ती महंगाई और कृषि संबंधी समस्याओं को लेकर ट्रैक्टर रैली निकालते हुए धरना प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में किसान ट्रैक्टरों के साथ बाजार स्थल बखरूपारा में एकत्रित हुए और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए अपनी मांगों को बुलंद किया।
राजनांदगांव जिले के डोंगरगांव विधानसभा (तुमड़ीबोड़) और मुंगेली जिला कार्यालय कलेक्ट्रेट के सामने कांग्रेस कार्यकर्ताओं और किसानों ने नेशनल हाईवे पर प्रदर्शन किया। आंदोलनकारियों ने बढ़ती महंगाई के विरोध में हाईवे पर ही चूल्हा जलाकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। [
राजिम (गरियाबंद) में किसानों ने विशाल ट्रैक्टर रैली निकाली और आरोप लगाया कि उन्हें समय पर खाद-बीज नहीं मिल रहा है, जिससे उनकी कृषि प्रभावित हो रही है। प्रदर्शन के दौरान किसानों ने कहा कि लगातार बढ़ रही पेट्रोल-डीजल की कीमतों और कृषि कार्यों में उपयोग होने वाले खाद की महंगाई ने खेती-किसानी की लागत को कई गुना बढ़ा दिया है। ऐसे में किसानों की आर्थिक स्थिति लगातार कमजोर होती जा रही है। उन्होंने मांग की है कि किसानों को पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध कराया जाए, ताकि खेती प्रभावित न हो।







