0 सुरक्षित परिवहन व्यवस्था की मांग
रायपुर, संचालनालय भू-अभिलेख में पदस्थ श्रीमती एम्ब्रेसिया किंडो के बस चालक की कथित लापरवाही से गंभीर रूप से घायल होने की घटना के विरोध में आज इंद्रावती भवन के गेट क्रमांक-3 पर छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के नेतृत्व में मंत्रालय एवं संचालनालय के अधिकारी-कर्मचारियों ने जोरदार धरना-प्रदर्शन किया।

प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने शासन का ध्यान इस ओर आकर्षित किया कि मंत्रालय एवं संचालनालय के कर्मचारियों के आवागमन हेतु संचालित बसों की जर्जर स्थिति एवं सुरक्षा संबंधी गंभीर खामियों की शिकायत कई बार की जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई है। इसका परिणाम यह है कि कर्मचारी प्रतिदिन अपनी जान जोखिम में डालकर यात्रा करने को विवश हैं।
फेडरेशन ने कहा कि श्रीमती एम्ब्रेसिया किंडो की गंभीर दुर्घटना ने पूरे कर्मचारी वर्ग को झकझोर दिया है। उनका उपचार रामकृष्ण हॉस्पिटल में जारी है और सभी कर्मचारी उनके शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना करते हैं। फेडरेशन ने इस घटना की निष्पक्ष जांच, दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई तथा पीड़ित कर्मचारी को समुचित उपचार एवं आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की मांग की।
धरना-प्रदर्शन के पश्चात फेडरेशन के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्य सचिव, सामान्य प्रशासन विभाग के नाम ज्ञापन सौंपते हुए मंत्रालय एवं संचालनालय के कर्मचारियों के लिए सुरक्षित, गुणवत्तापूर्ण एवं फिटनेस प्रमाणित बसों की तत्काल व्यवस्था, जर्जर एवं कंडम बसों को तत्काल हटाने, बसों का नियमित तकनीकी परीक्षण तथा चालक-परिचालकों की जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग की।
प्रदर्शन का नेतृत्व छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के प्रांतीय संयोजक कमल वर्मा ने किया। इस अवसर पर इंद्रावती भवन कर्मचारी संघ के अध्यक्ष जय कुमार साहू सहित विभिन्न विभागों एवं कर्मचारी संगठनों के बड़ी संख्या में अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।
फेडरेशन ने स्पष्ट किया कि यदि कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने हेतु शीघ्र ठोस निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा, जिसकी समस्त जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।







