रायपुर. छत्तीसगढ़ राज्य में रेल नेटवर्क और मजबूत होने जा रहा है. आदिवासी बहुल बस्तर और सरगुजा संभाग में रेल सेवाएं और बेहतर होंगी. दरअसल प्रदेश को तीन नई रेल लाइनों की मंजूरी मिली है. बस्तर में नई रेल लाइन और डोंगरगढ़ से कटघोरा रेल लाइन को मंजूरी मिल चुकी है.लेकिन महासमुंद जिले के बसना- सरायपाली अंचल के लोग दुखी है, सांसद श्रीमती चौधरी की पहल के बाद भी बरगढ उडीसा से प्रास्तावित सरायपाली- बसना-पिथौरा -बागबाहरा रेलमार्ग पर कोई विचार नहीं किया गया।
बहरहाल मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और केंद्रीय राज्यमंत्री तोखन साहू ने गुरुवार को केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से मुलाकात की थी. रेल मंत्री ने तीन नई रेल लाइनों को स्वीकृति दे दी. जिसके बाद अब डोंगरगढ़ से कटघोरा के लिए 27 नए रेलवे स्टेशन बनाए जाएंगे. इन नए स्टेशनों से क्षेत्र के लोगों को आवागमन में राहत मिलेगी. वहीं स्थानीय स्तर पर रोजगार भी बढ़ेगा.
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, ‘आज नई दिल्ली में माननीय केंद्रीय रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव जी से भेंट के दौरान छत्तीसगढ़ में रेलवे अधोसंरचना के विस्तार एवं लंबित रेल परियोजनाओं के संबंध में विस्तृत एवं सकारात्मक चर्चा हुई. चर्चा में कटघोरा-डोंगरगढ़ नई रेलवे लाइन परियोजना को रेल मंत्रालय एवं छत्तीसगढ़ शासन के संयुक्त उपक्रम (Joint Venture) के माध्यम से विकसित करने पर सहमति बनी. लगभग 295 किलोमीटर लंबी यह रेल लाइन कटघोरा, करतला, मुंगेली, कवर्धा और खैरागढ़ होते हुए डोंगरगढ़ तक जाएगी, जिससे प्रदेश में रेल कनेक्टिविटी सुदृढ़ होगी तथा उद्योग, व्यापार, कृषि, पर्यटन, खनिज परिवहन और जनजातीय अंचलों के विकास को नई गति मिलेगी.’
मील का पत्थर साबित होगी परियोजना
उन्होंने आगे लिखा, ‘यह परियोजना विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर सिद्ध होगी. आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के दूरदर्शी नेतृत्व तथा माननीय रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव जी के सतत सहयोग के लिए हृदय से आभार व्यक्त करता हूं. डबल इंजन सरकार के समन्वित प्रयासों से हम आधुनिक अधोसंरचना, सशक्त रेल नेटवर्क और समावेशी विकास के माध्यम से छत्तीसगढ़ को प्रगति की नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए पूर्ण प्रतिबद्ध हैं.’
भूमि अधिग्रहण की कार्यवाही पूरी
बताते चलें कि सीएम साय और केंद्रीय रेल मंत्री की मुलाकात के दौरान रावघाट-जगदलपुर रेलवे लाइन परियोजना की भी समीक्षा की गई. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि करीब 140 किमी लंबी इस महत्वपूर्ण रेल लाइन के लिए भूमि अधिग्रहण की कार्यवाही पूरी की जा चुकी है. रेलवे निविदा प्रक्रिया अंतिम फेज में है. निर्माण कार्य शुरू होने से बस्तर अंचल की कनेक्टिविटी को मजबूती मिलेगी. क्षेत्र के सामाजिक और आर्थिक विकास को नई दिशा भी मिलेगी.
सीएम साय का इन तीन परियोजनाओं पर भी जोर
मुख्यमंत्री साय ने राज्य की तीन अन्य महत्वपूर्ण रेल परियोजनाओं- सरडेगा-पत्थलगांव-अंबिकापुर (244 किमी), धरमजयगढ़-पत्थलगांव-लोहरदगा (301 किमी) और अंबिकापुर-बरवाडीह (200 किमी) को जल्द स्वीकृति देने के लिए निवेदन किया. उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं के धरातल पर उतरने से उत्तर छत्तीसगढ़ सहित सीमावर्ती क्षेत्रों की रेल संपर्क व्यवस्था बेहतर होगी. पर्यटन, व्यापार, खनिज परिवहन और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर बढ़ेंगे. इसपर रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इन परियोजनाओं को जल्द मंजूरी देने का भरोसा दिया







