जगदलपुर, बस्तर क्षेत्र में मौसम का मिजाज बदला है, जिससे लोगों को गर्मी से थोड़ी राहत मिली है। लेकिन इस बदलाव ने किसानों और वनोपज संग्राहकों की चिंता बढ़ा दी है। पश्चिमी विक्षोभ और चक्रवाती प्रभाव के चलते कई इलाकों में बारिश और अंधड़ देखा गया, जबकि कुछ जगहों पर ओलावृष्टि भी दर्ज की गई।
इसका सीधा असर महुआ और इमली जैसे वनोपज पर पड़ रहा है। महुआ के फूल गिरने का समय होने के कारण नुकसान की संभावना बढ़ गई है, जबकि इमली के दाम में गिरावट देखी जा रही है। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में हल्की बारिश और गरज-चमक की संभावना जताई है। तेज हवाओं के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में परेशानी बढ़ी है, हालांकि तापमान में गिरावट से लोगों को कुछ राहत मिली है।
विशेषज्ञों के अनुसार आने वाले दिनों में मौसम साफ हो सकता है, लेकिन फिलहाल राहत और नुकसान के बीच संतुलन की स्थिति बनी हुई है। बदलता मौसम बस्तर की अर्थव्यवस्था और वनोपज पर सीधा असर डालता दिख रहा है।
धमतरी-गरियाबंद में भी संग्राहकों की चिंता बढी
हवा-पानी के साथ ओलावृष्टि से धमतरी एवं गरियाबंद जिले में भी वनोपज संग्राहकों की चिंता बढ गई है। महुआ फूल एवं इमली संग्रहण प्रभावित होने की आशंका है। आने वाले दिनों में भी हवा-पानी की स्थिति बनी रही तो तेंदूपत्तों की गुणवत्त पर असर पडेगा ।







