कवर्धा, जांजगीर-चांपा, मनेंद्रगढ़, दंतेवाड़ा और कुनकुरी में मेडिकल कालेज इसी सत्र से
रायपुर, छत्तीसगढ़ में प्रस्तावित 5 नए सरकारी मेडिकल कॉलेजों को नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) से मान्यता मिल गई है। ये मेडिकल कॉलेज कवर्धा, जांजगीर-चांपा, मनेंद्रगढ़, दंतेवाड़ा और कुनकुरी में प्रस्तावित हैं। सभी कॉलेजों में 50-50 सीटों पर के साथ इसी सत्र से पढ़ाई शुरू की जाएगी। पिछले दिनों ही एनएमसी ने आधी अधूरी इंफ्रास्ट्रक्चर और अन्य सुविधाओं की वजह से मान्यता देने से इंकार कर दिया था।
राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग (National Medical Commission – NMC) के मेडिकल असेसमेंट एंड रेटिंग बोर्ड (MARB) ने पंडित जवाहरलाल नेहरू मेमोरियल (जेएनएम) मेडिकल कॉलेज, रायपुर में एमबीबीएस सीटों की संख्या बढ़ाने को मंजूरी दे दी है। यह कॉलेज पं. दीनदयाल उपाध्याय मेमोरियल हेल्थ साइंसेज एंड आयुष यूनिवर्सिटी, छत्तीसगढ़ से संबद्ध है। MARB की ओर से 10 जुलाई 2026 को जारी अनुमति पत्र (Letter of Permission) के अनुसार, शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए कॉलेज की एमबीबीएस सीटों की संख्या *230 से बढ़ाकर 250*कर दी गई है, यानी कुल *20 नई सीटों* की बढ़ोतरी हुई है।
60 सीटों के साथ शुरु हुई थी पढाई, स्थापना से अब तक सीटों में वृद्धि का इतिहास
वर्ष 1963 में 60 एमबीबीएस सीटों के साथ स्थापित पं. जवाहरलाल नेहरू स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय ने समय-समय पर अपनी प्रवेश क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि की है। प्रारंभिक 60 सीटों से बढ़कर यह संख्या 100, वर्ष 2009 में 150, वर्ष 2019 में 180, वर्ष 2023 में 230 तथा अब एनएमसी की नवीनतम स्वीकृति के पश्चात 250 सीटों तक पहुँच गई है।
प्रदेश के युवाओं को चिकित्सा शिक्षा के अधिक अवसर मिलेंगे
स्वास्थ्य मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल ने कहा है कि छत्तीसगढ़ के लिए आज का दिन ऐतिहासिक है। प्रदेश में पहली बार एक साथ 5 नए मेडिकल कॉलेज की अनुमति मिली है। प्रदेश में अब एमबीबीएस की 250 सीटें बढ़ जाएगी। बता दें कि पिछले दिनों ही एनएमसी ने आधी अधूरी इंफ्रास्ट्रक्चर और अन्य सुविधाओं की वजह से मान्यता देने से इंकार कर दिया था। इसके बाद सीएम साय ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात कर अपनी बात रखी थी। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने उपरोक्त निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि पंडित जवाहरलाल नेहरू मेमोरियल (जेएनएम) मेडिकल कॉलेज, रायपुर में सीटों की संख्या बढ़ने से प्रदेश के युवाओं को चिकित्सा शिक्षा के अधिक अवसर मिलेंगे और वे अपने ही राज्य में एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी कर सकेंगे।
स्वास्थ्य व्यवस्था होगी दुरुस्त
मेडिकल शिक्षा कमिश्नर रितेश अग्रवाल ने कहा है कि मुख्यमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री के प्रयासों से मान्यता मिली है। इससे क्षेत्र की स्वास्थ्य व्यवस्था दुरुस्त होगी। यहां के स्थानीय युवाओं को मेडिकल शिक्षा यानी डॉक्टर बनने का मौका मिलेगा। सभी मेडिकल कॉलेज में 50-50 सीट की मान्यता मिली है। इस तरह एमबीबीएस की 250 सीट की बढ़ोतरी हुई है। अब हमारा प्रयास पहले से संचालित मेडिकल कॉलेज में सीट बढ़ाने को लेकर रहेगा। जैसे अभी जेएनएम मेडिकल कॉलेज में 20 सीट की वृद्धि हुई है।







