राजनांदगांव, भाजपा डोंगरगढ़ शहर मंडल को लेकर छिड़े विवाद पर संगठन ने दोनों खेमों पर गाज गिरा दी है। जिला भाजपा की अनुशंसा पर प्रदेश संगठन ने कार्रवाई करते हुए पांच कार्यकर्ताओं को छह वर्ष के लिए पार्टी से निष्कासित करने के साथ ही मंडल कार्यसमिति को भंग कर दिया है। यह आदेश प्रदेश महामंत्री नवीन मारकंडे ने जारी किया है।
डोंगरगढ़ में एक खेमा मंडल अध्यक्ष जसमीत बन्नोआना के खिलाफ आरोप लगाते हुए वरिष्ठों के खिलाफ बयानबाजी कर रहा था तो वहीं दूसरे धड़े की गतिविधियों से भी भाजपा को असहज स्थिति का सामना करना पड़ रहा था। यह कार्रवाई भी क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जामवाल और प्रदेश संगठन महामंत्री पवन साय की राजनांदगांव में संभागीय बैठक के तत्काल बाद की गई।
इससे पहले प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव के लौटने के बाद मामले में निर्णय लेने की बात कही गई थी। लेकिन दूसरे ही दिन संगठन ने एक्शन लेते हुए दोनों खेमे के पर कतर दिए। इसे फैसले को संगठन की ओर से गुटबाजी को बढ़ावा देने वाले और अंदरुनी खींचतान करने वालों के लिए कड़े संदेश के तौर पर देखा जा रहा है।
पार्टी ने प्रिंस कक्कड़, वीरेंद्र साहू, संतोष राव, परविंदर सिंह मोंटी भाटिया, अनिल पांडे को निष्कासित कर दिया है। इन्हें पहले भी अनुशासनहीनता के मामले में नोटिस थमाया गया था। 111 कार्यकर्ताओं के सामूहिक इस्तीफे पर भी भाजपा ने अपनी अंदरुनी जांच में इन्हीं को जिम्मेदार पाया। इधर, मंडल अध्यक्ष जसमीत बन्नोआना के खिलाफ लगातार शिकायतें और बिगड़ते माहौल को सुधारने भाजपा ने मंडल ही भंग करना सही समझा।
क्या था विवाद
डोंगरगढ़ में सक्रिय कार्यकर्ताओं ने संगठन के कुछ नेताओं के खिलाफ सार्वजनिक टिप्पणी शुरु की जिसके बाद 14 जुलाई को चार कार्यकर्ताओं को अनुशासनहीनता का नोटिस दिया गया। इन्हीं के साथ 27 जुलाई को 111 कार्यकर्ताओं ने इस्तीफा दिया और मंडल अध्यक्ष जसमीत बन्नोआना पर भेदभाव सहित कई आरोप लगाए। दो दिन में ही ऐसे ही 35 इस्तीफे और आए। जिला भाजपा ने इसके बाद असंतुष्टों से बैठक शुरु की। सप्ताह भर की बातचीत और कोरकमेटी में विषय रखने के बाद प्रदेश संगठन को कार्रवाई की अनुशंसा प्रेषित की गई थी।







