धमतरी,छत्तीसगढ के धमतरी जिले के बहुचर्चित ट्रिपल मर्डर केस में अदालत ने करीब एक साल बाद अपना फैसला सुनाया है। अपर सत्र न्यायाधीश मोहन कोर्राम ने मामले में 8 आरोपियों में से 5 आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
जानकारी के मुताबिक, 12 अगस्त 2025 की रात धमतरी के एक ढाबे में मामूली विवाद के बाद राजधानी रायपुर के तीन युवकों की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। एक ही रात में तीन लोगों की हत्या की इस वारदात ने पूरे प्रदेश में सनसनी फैला दी थी। मामले में पुलिस ने कुल 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया था।
अदालत ने मामले में पांच आरोपियों को हत्या के आरोप में आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। वहीं एक आरोपी को आर्म्स एक्ट के तहत 3 साल की सजा दी गई है। इसके अलावा बलवा के आरोप में सभी आरोपियों को 2 साल और मारपीट के मामले में 6 माह की सजा सुनाई गई है। कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि सभी सजाएं एक साथ चलेंगी।
महिलाओं ने हत्यारों को चप्पल फेंककर मारा
ट्रिपल हत्याकांड फैसले के बाद कोर्ट के बाहर मृतकों के परिजनों ने जमकर हंगामा मचाया। महिलाओं ने हत्यारों को चप्पल फेंककर मारा। उनका कहना है कि हत्यारों को उम्रकैद नहीं फांसी की सजा होनी चाहिए। इस दौरान पुलिस ने सभी आरोपियों को किसी तरह बचाकर गाड़ी से जेल के लिए रवाना किया।
एक साल से फैसले का था इंतजार
ट्रिपल मर्डर की इस घटना के बाद से ही मृतकों के परिजन और धमतरी की जनता अदालत के फैसले का इंतजार कर रही थी। करीब एक साल तक चले न्यायिक प्रक्रिया के बाद बुधवार को फैसला आया। बता दें कि मामूली विवाद से शुरू हुई इस घटना में तीन युवकों की निर्मम हत्या ने धमतरी समेत पूरे प्रदेश को झकझोर दिया था। मामले की गंभीरता के चलते यह ट्रिपल मर्डर केस लंबे समय तक प्रदेश में चर्चा का विषय बना रहा।







