
विश्व क्रिकेट में महिलाओं को क्रिकेट के सबसे उत्कृष्ट फॉर्मेट याने टेस्ट क्रिकेट में बहुत कम अवसर मिलते है, हां ये जरूर है कि वे वन डे और टी ट्वेंटी मैच लगातार खेलती रहती है। सोचिये कि जितने सालों में पुरुष क्रिकेटर्स सौ टेस्ट खेल चुके होते है उतने समय में भारतीय महिला क्रिकेट टीम के सदस्य के रूप में स्मृति मंधना ने केवल नौ टेस्ट खेले है। जितने सालों में पुरुष क्रिकेटर्स दो सौ वन डे मैच खेल चुके होते है स्मृति मंधना के हिस्से में एक सौ बीस वनडे आए है। टी ट्वेंटी जरूर पुरुषों के बराबर खेली है।
स्मृति मंधना ने एशिया कप क्रिकेट में हांगकांग के खिलाफ आक्रामक बैटिंग करते हुए सिर्फ 64 बॉल में 124 रन की शानदार पारी खेली। इस शतक के चलते स्मृति मंधना विश्व महिला क्रिकेट में सर्वाधिक 10880 रन बनाने वाली महिला खिलाड़ी बन गई है। पूर्व में सर्वाधिक 10868 रन बनाने का रिकॉर्ड भी हिंदुस्तान की नामी गिरामी महिला क्रिकेट खिलाड़ी मिताली राज के पास था। स्मृति मंधना ने विश्व महिला क्रिकेट में तीनों फॉर्मेट में सर्वाधिक 18 शतक लगाने वाली महिला खिलाड़ी भी बन गई है। पूर्व में 17 शतक लगाने का रिकॉर्ड ऑस्ट्रेलिया की लेग मैनिंग और दक्षिण अफ्रीका की लौरा वॉल्वर्ट के नाम पर था।
स्मृति मंधना 9 टेस्ट, 120 वनडे, 173 टी ट्वेंटी मैच खेल चुकी है।9 टेस्ट में 788 रन, 120 वनडे में 5411 रन और 173 टी ट्वेंटी मैच में 4680 रन बनाकर 10880 रन अपने रिकॉर्ड बुक में जमा कर चुकी है।
सबसे अनोखी बात ये है कि हिंदुस्तान के पुरुष और महिला क्रिकेट खिलाड़ियों के द्वारा बनाए गए रन की बात करे तो स्मृति मंधना से हिटमैन रोहित शर्मा ( 4230) पीछे है।
इस वर्ष किसी भी खिलाड़ी को खेल रत्न पुरस्कार नहीं मिला है।स्मृति मंधना एक बेहतर प्रदर्शन करने वाली खिलाड़ी है ।भारत सरकार और खेल मंत्रालय इस बारे में गंभीरता से विचार कर सकता है।
स्तंभकार -संजयदुबे







