लखनऊ, अयोध्या के राम मंदिर चंदा चोरी मामले में आज श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की पहली बैठक आयोजित हुई थी. यह बैठक करीब 3 घंटे चली. इस बैठक में ट्रस्ट के सभी सदस्यों की सहमति से अनिल मिश्रा और चंपत राय का इस्तीफा स्वीकार कर लिया. चंपत राय और अनिल मिश्रा ने चढ़ावा चोरी की घटना सामने आने के बाद इस्तीफा दिया था.
राम मंदिर चढ़ावा चोरी का मामला सामने आने के बाद 26 जून को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था. उनके साथ सदस्य अनिल मिश्रा ने भी इस्तीफा दिया था. क्योंकि चढ़ावा चोरी का मामला सामने आने के बाद चंपत राय और अनिल मिश्रा पर सवाल खडे़ हो गए थे. लगातार सवालों के घेरे में बने रहने के बाद दोनों ने इस्तीफा दे दिया था.
बैठक के बाद मीडिया से बातचीत के दौरान राम मंदिर ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरि ने कहा- रामलला के विशाल मंदिर के आज एक असाधारण स्थिति बन गई. इसमें निर्णय लिया कि न्यास की बैठक 11 जुलाई वाली को 6 जुलाई को किया गया. इसमें अध्यक्ष नृत्य गोपाल दास भी उपस्थित रहे.उन्होंने कहा कि हमें दुख था कि जिसका सामना पूरे समाज को करना पड़ रहा है. वह दुखदायक है. मंदिर के लिए लोगों ने प्राणों, परिवार की परवाह नहीं की, चढ़ावा चोरी अर्थ लज्जाजनक हालत है.
चंपत राय को लेकर क्या बोले गोविंद गिरी?
गोविंद गिरी ने मीडिया से बातचीत में कहा कि चढ़ावा चोरी की घटना से चंपत राय को बहुत वेदना हुई. उन्हें लगा कि जब तक न्याय नहीं हो जाता, अपराधी पकड़े नहीं जाते, उन्हें दंड नहीं मिल जाता, यह सोचकर उन्होंने त्याग पत्र दिया. जिसे मान्य करना, न मान्य करना हमारे बस की बात नहीं थी. इसलिए इस न्यास के संविधान के अनुसार त्याग पत्र देते ही उसे मान लिया जाता है. इसलिए मूल प्रॉसेस को आधार मानकर उनके इस्तीफे को स्वीकार किया गया है.
पूरा सामान सुरक्षित- गोविंद गिरी
राम मंदिर में किए गए दान को लेकर आ रहे बयानों को लेकर भी गोविंद गिरी ने सफाई दी है, उन्होंने कहा कि जो भी सामान है. सब कुछ सुरक्षित रखा हुआ है. उन्होंने सभी सामान मीडिया को देखकर बताया कि ये सब जनता का है और पूरी तरह से सुरक्षित है. झूठ के प्रचार से हम लोगों को सावधान करते हैं. हमारे पास ऐसी 2800 वस्तुओं का रजिस्टर्ड हैं.
उन्होंने कहा कि इस समय झूठ का प्रपंच खड़ा किया जा रहा है. हर एक अपराधी को दंड दिया जाएगा. हमें देश की अदालत पर पूरा भरोसा है. राम मंदिर को दान में मिला जिन चीजों के चोरी होने का आरोप लगा वो सभी चीज मंदिर ट्रस्ट के प्रेस कॉन्फ्रेंस हॉल में रखी गई हैं. इनमें सोने की रामायण, भगवान के चरण चिन्ह, हार और कागभुसुंडि शामिल हैं.
चढ़ावा चोरी के पैसे से दानवीर बना हुआ था अविनाश, पूछताछ में हुआ खुलासा
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जांच अभी जारी है. इस मामले में रोज नए खुलासे हो रहे हैं. इस मामले में आरोपी बनाए गए अविनाश शुक्ला ने बारे में जांच में पता चला कि वह चढ़ावा चोरी के पैसे से दानवीर बन गया था और लोगों के बीच खूब दान करता था. पुलिस की पूछताछ में अविनाश ने कबूल किया है कि वह अपने परिवार और दोस्तों पर 19 लाख रुपए खर्च किए थे. इतना ही नहीं, एक भाई की शादी के लिए 6 लाख रुपए तो दूसरे भाई भी 5-6 लाख रुपए दिए. अविनाश ने न सिर्फ भाइयों को बल्कि दोस्तों को भी महंगे-महंगे गिफ्ट दिया करता था.
बता दें, अविनाश शुक्ला के पास से पुलिस को कुल 20.39 लाख रुपये नकद, 1121 अमेरिकी डॉलर, सोने-चांदी के गहने और अन्य कीमती सामान के साथ-साथ एक SUV भी मिली है. जिसके बाद जांच एजेंसियों ने जांच को और तेज कर दी है. पुलिस की पूछताछ में पता चला कि अविनाश ने 3.5 लाख रुपए में एक कार खरीदी थी. दावा यह भी किया जा रहा है कि अविनाश ने अपने एक दोस्त को 2.5 लाख रुपए ट्रांसफर किए और महंगा फोन भी गिफ्ट किया. इतना ही नहीं अविनाश ने इस दौरान कई लोगों को पैसे बांटे. जिसकी जानकारी जुटाई जा रही है.







