रायपुर, राज्य सरकार खरीफ सीजन 2026 के लिए किसानों को पर्याप्त रासायनिक खाद उपलब्ध कराने सतर्कता के साथ कार्य कर रही है। जिलों में भी खाद-बीज की उपलब्धता को लेकर जिला प्रशासन द्वारा कड़ी निगरानी रखी जा रही है। खाद-बीज की कालाबाजारी को रोकने प्रशासन सतर्क है। इसी कड़ी में कबीरधाम जिले में उर्वरकों के भंडारण, वितरण, कालाबाजारी, अधिक मूल्य पर विक्रय एवं अन्य अनियमितताओं पर नियंत्रण के लिए जिला स्तरीय उड़नदस्ता दल का गठन किया गया है।
कृषि विभाग के अधिकारियों, उड़नदस्ता दल तथा उर्वरक निरीक्षकों द्वारा अब तक 170 उर्वरक विक्रय केंद्रों का निरीक्षण किया जा चुका है।निरीक्षण के दौरान अनियमितता पाए जाने पर 2 विक्रय केंद्रों के लाइसेंस निलंबित किए गए हैं तथा 40 कृषि केंद्रों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। सभी निजी उर्वरक विक्रेताओं को निर्धारित मूल्य एवं नियमानुसार उर्वरकों का वितरण सुनिश्चित करने के लिए सख्त निर्देश दिए गए हैं।
हाल ही में कलेक्टर की उपस्थिति में बोड़ला विकासखंड के तीन निजी उर्वरक विक्रय केंद्रों का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान किसानों से चर्चा कर उर्वरक वितरण व्यवस्था तथा नैनो उर्वरकों के उपयोग के संबंध में जानकारी दी गई। इस दौरान अधिक मूल्य पर उर्वरक विक्रय की कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई।






