रायपुर, छत्तीसगढ़ के प्रधान मुख्य वन संरक्षक (PCCF) और वन बल प्रमुख अरुण कुमार पांडेय कल 11 जून को राज्य के सभी डीएफओ (DFO) और वन अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक करेंगे। मुख्यालय अरण्य भवन में होने वाली इस महत्वपूर्ण बैठक में वन संरक्षण, तेंदूपत्ता संग्रहण समेत योजनाओं की प्रगति और मैदानी कामकाज की समीक्षा की जाएगी।
नए पीसीसीएफ अरुण पांडेय की पद संभालाने के बाद पहली बैठक है। यह बैठक छत्तीसगढ़ के वन महकमे में प्रशासनिक कसावट लाने और लक्ष्यों की पूर्ति के लिए बुलाई गई है। खबर है कि परफार्मेंस के आधार पर कुछ डीएफओ को महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी जाएगी, जबकि कमजोर प्रदर्शन वाले कुछ वन मंडलाधिकारियों की फील्ड से छुट्ती होगी। बताया गया है कि इस संबंध में पीसीसीएफ श्री पांडेय को फ्री हेंड किया गया है।
बताया गया है कि अफसरों की तैनाती को लेकर पीसीसीएफ ने कल विभागीय मंत्री केदार कश्यप से उनके निवास कार्यालय में मुलाकात कर इस संबंध में जारुरी चर्चा भी की है। मंत्री ने सुशासन तिहार में वन अफसरों के खिलाफ आई कतिपय शिकायतों की ओर भी इंगित किया। उन्होंंने बरसात में पौधारोपण पर भी फोकस किया है। तेंदूपत्ता संग्रहण में संग्राहकों को त्वरित भुगतान पर भी जोर दिया गया। माना जा रहा है कि आधा दर्जन अफसरों को किनारे किया जाएगा।
बताया गया है कि विपरीत परिस्ठितियों के बावजूद इस बार कारीब 14 लाख मनक बोरा तेंदूपत्ता संग्रहित हुआ है, जो गत वर्ष की तुलना में ज्यादा है। बस्तर में यह आंकडा करीब चार लाख मानक बोरा है। हालाकि बीजापुर में तेंदूपत्ता गोदाम मे आगजनी से मंत्री नाराज है। क्योंकि अब वहां संग्राहाकों को तेंदूपत्ता का लाभांश नही मिल पाएगा।







