भुबनेश्वर, (एजेंसी),उडीसा में पुरी के श्री जगन्नाथ मंदिर के रत्न भंडार की बहुप्रतीक्षित लिस्टिंग की प्रक्रिया 48 सालों के अंतराल के बाद बुधवार को शुरू हो गई। इस प्रक्रिया में मंदिर के कर्मचारी, सरकारी बैंक के अधिकारी, रत्न विशेषज्ञ और भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के प्रतिनिधि भी शामिल हैं। श्री जगन्नाथ मंदिर प्रशासन (एसजेटीए) के अनुसार, अधिकृत कर्मियों ने पारंपरिक धोती और गमछा पहनकर सुबह करीब 11:30 बजे मंदिर में प्रवेश किया। इससे पहले 13 मई से 23 जुलाई 1978 के बीच 72 दिनों तक यह प्रक्रिया चली थी।
मंदिर के अधिकारियों ने बताया कि समान की गिनती की प्रक्रिया निर्धारित शुभ मुहूर्त बुधवार दोपहर 12:09 बजे से 1:45 बजे के बीच शुरू हुई। इस दौरान केवल अधिकृत व्यक्तियों को ही अंदर प्रवेश करने की अनुमति दी गई। उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया से 12वीं सदी के इस मंदिर की दैनिक पूजा-पद्धति प्रभावित नहीं होगी।
श्रद्धालुओं को बाहर कथा से दर्शन की अनुमति
इस प्रकिया के दौरान श्रद्धालुओं को बाहर कथा से दर्शन की अनुमति दी गई है जबकि भीतर कथा तक जाने पर प्रतिबंध लगाया गया है। श्री जगन्नाथ मंदिर प्रबंध समिति (एसजेटीएमसी) की ओर से तैयार और राज्य सरकार से अनुमोदित मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) के अनुसार, समान की गिनती की शुरुआत दैनिक अनुष्ठानों में उपयोग होने वाले आभूषणों से की जाएगी। इसके बाद रत्न भंडार के बाहरी कक्ष और अंत में आंतरिक कक्ष को खोला जाएगा।
पहले कब हुई थी गिनती?
इससे पहले 13 मई से 23 जुलाई, 1978 के बीच गणना हुई थी। इसमें 128.38 किलोग्राम के 454 स्वर्ण मिश्रित आभूषण, 221.53 किलोग्राम वजन के 293 चांदी मिश्रित आभूषण और कई बहुमूल्य रत्नों का विवरण दर्ज किया गया था। अधिकारियों ने बताया कि 1978 की प्रक्रिया 72 दिन चली थी लेकिन इस बार आधुनिक तकनीक के उपयोग से इसे कम समय में पूरा किया जाएगा।
प्रत्येक वस्तु की डिजिटल फोटोग्राफी होगी
उन्होंने कहा कि आभूषणों की पहचान के लिए दो रत्न विशेषज्ञ (जेमोलॉजिस्ट) सहयोग कर रहे हैं और प्रत्येक वस्तु की डिजिटल फोटोग्राफी की जा रही है। स्वर्ण आभूषणों को पीले कपड़े, चांदी के आभूषणों को सफेद और अन्य वस्तुओं को लाल कपड़े में लपेटकर विशेष रूप से तैयार छह संदूकों में रखा जा रहा है। इस प्रक्रिया में मंदिर के कर्मचारी, सरकारी बैंक के अधिकारी, रत्न विशेषज्ञ और भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के प्रतिनिधि भी शामिल हैं। एजेंसी)







