भुवनेश्वर, स्कूली पाठ्यपुस्तकों में गंभीर त्रुटियों और गतियों को लेकर ओडिशा की राजनीति गरमा गई है। रविवार को राजधानी भुवनेश्वर स्थित लोअर पीएमजी पर ओडिशा छात्र कांग्रेस के सदस्यों ने राज्य के स्कूल एवं जनशिक्षा मंत्री नित्यानंद गोंड के इस्तीफे की मांग को लेकर जोरदार विरोध-प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक और धक्का-मुक्की देखने को मिली, जिससे इलाके में काफी समय तक तनाव की स्थिति बनी रही।

बैरिकेड तोड़ने की कोशिश, पुलिस से झड़प
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, स्थिति तब बिगड़ गई जब प्रदर्शन कर रहे कुछ छात्र कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सुरक्षा बलों द्वारा लगाए गए पुलिस बैरिकेड्स को तोड़कर आगे बढ़ने का प्रयास किया। प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा, जिसके बाद सुरक्षाकर्मियों और कार्यकर्ताओं के बीच हाथापाई हुई। पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद प्रदर्शनकारियों को पीछे धकेला और स्थिति को नियंत्रण में लिया। इस टकराव के बावजूद, छात्र कांग्रेस के कार्यकर्ता राज्य सरकार और शिक्षा मंत्री के खिलाफ नारेबाजी करते हुए काफी देर तक धरने पर डटे रहे।
पाठ्यपुस्तकों में त्रुटियों पर नवीन पटनायक ने भी साधा निशाना
स्कूली किताबों में कथित गलतियों को लेकर राज्य सरकार विपक्ष के निशाने पर है। इससे पहले, विपक्ष के नेता और बीजेडी अध्यक्ष नवीन पटनायक ने भी इस मुद्दे पर मंत्री नित्यानंद गोंड के इस्तीफे की कड़े शब्दों में मांग की थी। पटनायक ने आरोप लगाया था कि स्कूली बच्चों के लिए तैयार की गई किताबों में कई गंभीर गलतियां पाई गई हैं, जो बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है।
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि शैक्षणिक सामग्री में ऐसी लापरवाही कतई बर्दाश्त नहीं की जा सकती। मंत्री को प्रशासनिक विफलता की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए तुरंत अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए। उन्होंने राज्य सरकार से पाठ्यपुस्तकों की तैयारी और प्रकाशन में अधिक पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने का आग्रह किया ताकि प्रशासनिक लापरवाही का खामियाजा छात्रों को न भुगतना पड़े।







