बिलासपुर, छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में (IMD) द्वारा आगामी 48 से 72 घंटों के दौरान जिले में भारी वर्षा, गरज-चमक और आकाशीय बिजली गिरने की चेतावनी जारी किए जाने के बाद बिलासपुर जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है। कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी संजय अग्रवाल ने आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 की धारा 30 और 34 के तहत व्यापक दिशा-निर्देश जारी करते हुए सभी विभागों को सतर्क रहने और आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
कलेक्टर ने संभावित आपदा की स्थिति को देखते हुए अधिकारी -कर्मचारियों की छुट्टियों पर रोक लगाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही सभी विभागों को अपने-अपने स्तर पर आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने को कहा गया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि किसी भी स्थिति में राहत और बचाव कार्य प्रभावित नहीं होने चाहिए। बिना अनुमति मुख्यालय छोड़ने पर भारतीय न्याय संहिता के तहत एफआईआर दर्ज होगी। जारी आदेश के अनुसार, 18 जुलाई को जिले के सभी शासकीय, अशासकीय और अनुदान प्राप्त निजी विद्यालयों में कक्षा 1 से 12वीं तक की नियमित कक्षाएं स्थगित रही। इसके अलावा सभी आंगनबाड़ी केंद्र भी बंद रहे।
बिलासपुर में हुई मूसलाधार बारिश ने इस बार मौसम वैज्ञानिकों से लेकर आम जनता तक को हैरान कर दिया है। शहरी क्षेत्र में पिछले 24 घंटे के भीतर 491 मिलीमीटर (मिमी) बारिश दर्ज की गई है, जो प्रदेश के इतिहास में किसी बड़े रेकॉर्ड से कम नहीं है। वहीं, पिछले 36 घंटों में कुल 633.6 मिमी पानी बरस चुका है। गौर करने वाली बात यह रही कि गुरुवार और शुक्रवार की दरमियानी रात को केवल दो घंटे के भीतर 276.2 मिमी बारिश हो गई। मौसम विज्ञान की भाषा में इसे ‘बादल फटना’ (क्लाउड बर्स्ट) ही कहा जाएगा, क्योंकि जब एक घंटे में 100 मिमी से अधिक बारिश होती है, तो वह इसी श्रेणी में आती है।
कंट्रोल रूम सक्रिय, बांधों की होगी निगरानी
कलेक्टर ने जिले और सभी विकासखंड स्तर पर कंट्रोल रूम को तत्काल सक्रिय करने के निर्देश दिए हैं। नदी किनारे और निचले इलाकों में ग्राम कोटवारों के माध्यम से लोगों को सतर्क करने को कहा गया है।
कुटीघाट पुल आवागमन रोका गया…
जांजगीर-चांपा में लीलागर नदी के उफान से भारी नुकसान हुआ है। बाढ़ का पानी उतरने के बाद देखा गया कि कुटीघाट पुल पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुका है। जगह-जगह खतरनाक गड्ढे हो गए हैं और रेलिंग उखड़ गई है। लोक निर्माण विभाग ने जनहानि की आशंका को देखते हुए 18 जुलाई से 31 जुलाई तक इस पुल पर आवागमन पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया है।
कई गांवों में बाढ़ का खतरा…
पामगढ़ ब्लॉक के ग्राम पंचायत सिल्ली में स्थित सिल्ली बांध टूट गया है। ग्राम पंचायत जोगीडीपा, मुड़पार (ब), भलवाही, लगरा और भदरा सहित कई निचले इलाकों पर बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। आशंका है कि बांध का पानी ग्रामीणों के घरों और खेतों में घुस सकता है, जिससे फसलों को बड़ा नुकसान होगा। पामगढ़ तहसीलदार अमरनाथ श्याम ने प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया है।
लुंड्रा में आकाशीय बिजली की चपेट में आए चार बच्चे
सरगुजा जिले के लुंड्रा थाना क्षेत्र अंतर्गत नागम गांव में शुक्रवार शाम एक गंभीर हादसा हुआ। हल्की बारिश के दौरान चार बच्चे एक पेड़ के नीचे बैठकर मोबाइल देख रहे थे, तभी अचानक आकाशीय बिजली गिर गई। इस हादसे में रंजीत लोहरा (12 वर्ष) और रोशन नगेशिया (12 वर्ष) की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो सगे भाई गंभीर रूप से झुलस गए, जिनका अस्पताल में उपचार जारी है।






