0 प्रदेश के ठेकेदार लामबंंद, 20 जुलाई को राजधानी में प्रदेश स्तरीय बैठक, राज्य में निर्माण कार्य ठप होने का दावा
रायपुर.राज्य सरकार पर निर्माण कार्यों का करीब 2200 करोड रुपए बकाया है। करोंडों रुपए बकाया के चलते ठेकेदारों की हालता दयनीय हो चुकी है। अबतक तीन ठेकेदार खुदकुशी कर चुके है। अभी 25 दिन पहले आर्थक तंगी से जूझ रहे छुईखदान के एक ठेकेदार ने अपनी जान दे दी। इसी मुद्दे को लेकर अब प्रदेश के ठेकेदार लामबंद हो गए है, और अब वे आर-पार की लडाई के मूड में है। आंदोलन की रणनीति बनाने कल 20 जुलाई को दोपहर एक बजे नया रायपुर स्थित सर्किट हाऊस में ठेकेदारों की राज्य स्तरीय बैठक रखी गई है।
बता दें छत्तीसगढ कांट्रेक्टर्स एसोसिएशन के आह्वान पर गत दिवस प्रदेशभर के ठेकेदारों ने विधानसभा घेराव के दौरान लंबित भुगतान करने समेत निर्माण विभागों में व्याप्त विसंगतियां दूर करने अर्धनग्न प्रदर्शन करते हुए कड़ा विरोध दर्ज कराया। सभी जगहों से एकजुटता दिखाते हुए नवा रायपुर के धरनास्थल तूता में जुटे, और अपनी मांगों की ओर ध्यान आकर्षित कराने में जमकर प्रदर्शन किए।
छत्तीसगढ़ कांट्रेक्टर्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष बीरेश शुक्ला ने बताया कि शासन-प्रशासन के उदासीन रवैए के कारण विकास कार्य प्रभावित हो रहा है और ठेकेदारों के साथ अन्याय किया जा रहा है। लगातार ज्ञापन और जल जीवन मिशन का घेराव करने के बाद भी लंबित बिल भुगतान की प्रक्रिया तेज नहीं की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि शासन ताकत के बल पर विधानसभा का घेराव करने से रोका है। परंतु अपने अधिकारों को लेकर एकजुट ठेकेदार आवाज बुलंद करते रहेंगे, जब तक कि समस्याओं का निराकरण नहीं हो जाता है।
भुगतान के लिए डेढ़-दो सालों से भटक रहे हैं ठेकेदार
प्रदेश अध्यक्ष बीरेश शुक्ला ने आरोप लगाया कि जल जीवन मिशन समेत निर्माण विभाग भ्रष्टाचार, भर्राशाही और अफसरशाही चल रही है। बिलों का भुगतान रोककर प्रताडि़त किया जा रहा है। एग्रीमेंट का उल्लंघन किया जाता है। ठेकेदार निर्माण कराने के बाद भुगतान के लिए डेढ़-दो सालों से भटक रहे हैं। दो दिन बाद एसोसिएशन के सभी पदाधिकारियों और सदस्यों के साथ बैठक कर आगे की रणनीति तय की जाएगी। ठेकेदार अपने अधिकारों के लिए पीछे नहीं हटेंगे।
ठेकेदारों की प्रमुख मांगें
– 2200 करोड़ के लंबित पुटअप बिलों का तत्काल भुगतान किया जाए।
– लगभग 3000 करोड़ के आगामी बिलों के भुगतान का अग्रिम बजट उपलब्ध कराया जाए।
– एग्रीमेंट के अनुसार रनिंग एवं पार्ट पेमेंट तत्काल शुरू किया जाए।
– 100 प्रतिशत कार्य पूर्ण होने के बाद संपूर्ण भुगतान किया जाए।
– एग्रीमेंट के बाद लागू सभी अतिरिक्त नियम तत्काल समाप्त किए जाएं।
– आगामी 6 माह के कार्यों के लिए पर्याप्त बजट उपलब्ध कराया जाए।
– फंड के अभाव में किसी भी कार्य को प्रभावित न होने दिया जाए।
– दोषी भ्रष्ट अधिकारियों के विरुद्ध निष्पक्ष जांच एवं कठोर कार्रवाई की जाए।
– ठेकेदारों के साथ अनुबंधानुसार न्यायपूर्ण व्यवहार सुनिश्चित किया जाए।







