रांची, झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं में हुई गड़बड़ियों को लेकर सीएम हेमंत सोरेन ने बड़ा ऐलान किया है. TDPL एजेंसी के जरिए हुई सभी परीक्षाएं रद्द की जाएंगी. इसके साथ ही इस मामले की जांच रिटायर्ड जज की निगरानी में की जाएगी. साल 2014 से अब तक हुई परीक्षाओं की जांच कराने का भी ऐलान कर दिया है. इसके बाद राजधानी रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम के पास प्रदर्शन कर रहे छात्रों के बीच खुशी का माहौल देखने को मिला.
मीडिया से बात करते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि आज कैबिनेट ने JSSC-CGL परीक्षा को भी रद्द करने का फैसला किया है. इसके अलावा साल 2014 से हुई सभी छोटी-बड़ी गड़बड़ियों की व्यापक जांच की जाएगी. उन्होंने आगे कहा कि हम केंद्र सरकार द्वारा MMDR एक्ट में किए गए बदलावों पर चर्चा करने के लिए जल्द ही बैठक करेंगे. जरूरत पड़ने पर हम इस खास मुद्दे पर विचार-विमर्श के लिए विशेष सत्र भी बुला सकते हैं.
‘एजेंसियों का नेटवर्क आपस जुड़ा हुआ’
एग्जाम में हुई गड़बड़ियों की जांच को लेकर सीएम ने कहा कि SIT और CID की जांच में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं. चूंकि जांच अभी चल रही है, इसलिए हर जानकारी को खुलकर बताना संभव नहीं है. हालांकि, यह देखा गया है कि CGL प्रक्रिया के जरिए नियुक्त किए गए लोगों को अब JPSC परीक्षाओं में गड़बड़ी से जुड़े आरोपों में गिरफ्तार किया जा रहा है.उन्होंने आगे कहा इसके अलावा अलग-अलग समय पर यहां काम करने वाली कई कंपनियों का एक जटिल और आपस में जुड़ा हुआ नेटवर्क भी सामने आया है. जांच का दायरा 2014 से लेकर अब तक हुई सभी परीक्षाओं तक फैला हुआ है. हमने संबंधित विभाग और CID को निर्देश दिए हैं; चूंकि जांच शुरू हो चुकी है, इसलिए इसे पूरी तरह से और बारीकी से किया जाना चाहिए.
देवेंद्र महतो ने माना आभार
JSSC-CGL परीक्षा और TDPL द्वारा आयोजित सभी परीक्षाओं को रद्द करने की मुख्यमंत्री की घोषणा पर छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने कहा कि हम इस आंदोलन में सहयोग और समर्थन के लिए सभी छात्रों, अभिभावकों, मीडिया के सदस्यों, पुलिस प्रशासन और खासकर झारखंड सरकार व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का दिल से धन्यवाद देते हैं. आगे कहा कि हम छात्रों के मुद्दों को गंभीरता से लेने और हमारी मांगों को पूरा करने के लिए आभार व्यक्त करते हैं. सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि जांच बहुत बारीकी से की जा रही है और इसमें शामिल हर भ्रष्ट व्यक्ति को पकड़ा जा रहा है. वे इन गिरोहों के पीछे के असली सरगनाओं तक पहुंचने की पुरजोर कोशिश कर रहे हैं.







