कानून व्यवस्था

DIRTY WATER; इंदौर में जहरीले पानी ने अब तक 13 की मौत, कांग्रेस ने भाजपा को घेरा

भोपाल , मध्यप्रदेश के इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी से फैली बीमारी को लेकर हालात लगातार गंभीर बने हुए हैं. इस पूरे मामले में अब मौत के आंकड़ों को लेकर असमंजस की स्थिति सामने आ रही है.मौत के आंकड़ों को लेकर मंत्री ने बड़ा बयान दिया. उन्होंने कहा कि आधिकारिक तौर पर 4 मौतों की पुष्टि हुई है, लेकिन उनके पास 9 लोगों की मौत की जानकारी है. हालांकि, 13 मौतों के दावे से मंत्री ने साफ इनकार किया है.

नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने गुरुवार को इस मामले में मीडिया के सामने अपना बयान दिया. मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के मुताबिक, अब तक करीब 1400 लोग बीमार हुए हैं, जिनमें से लगभग 200 मरीजों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है.

उन्होंने कहा कि राहत की बात यह है कि डेंजर जोन में कोई भी मरीज नहीं है, केवल एक मरीज वेंटिलेटर पर है, जिसकी हालत पर लगातार नजर रखी जा रही है.मंत्री ने कहा कि हमारी पूरी कोशिश है कि लोगों की जान बचाई जाए और हर मरीज को बेहतर इलाज मिले. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जिन लोगों ने निजी अस्पतालों में पैसे देकर इलाज कराया है, उनकी सूची तैयार कर ली गई है और उन्हें इलाज का खर्च वापस किया जाएगा.

मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जितेंद्र पटवारी ने दूषित पानी मामले में भाजपा को घेरा

मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जितेंद्र पटवारी ने इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी के मामले पर कहा कि इंदौर ने भाजपा को लगातार सांसद और विधायक दिए, लेकिन इसके बदले इंदौर को पानी में जहर मिला. उन्होंने सवाल उठाया कि 13 मौतें हो चुकी हैं, जबकि मुख्यमंत्री केवल 4 मौतों की बात कर रहे हैं. क्या मौतों के आंकड़े छिपाना मुख्यमंत्री का दायित्व है?

इंदौर में मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के खिलाफ प्रदर्शन तेज, घंटा बजाकर जताया विरोध

इंदौर में मंत्री कैलाश विजयवर्गीय द्वारा मीडिया के सवालों पर अपशब्द कहने के विरोध में कांग्रेस ने प्रदर्शन किया. भागीरथपुरा में दूषित पानी से हुई 8 मौतों और 160 बीमार लोगों को लेकर सवाल पूछा गया था, जिस पर विजयवर्गीय झल्ला गए और अपशब्द कहे. कांग्रेस ने छावनी चौराहे पर घंटा बजाकर विरोध जताया और मंत्री से सार्वजनिक माफी की मांग की. विजयवर्गीय ने x पर माफी मांगते हुए कहा कि पिछले दो दिनों से बिना सोए प्रभावित क्षेत्र में काम कर रहे हैं, जिससे तनाव में गलत शब्द निकल गए. उन्होंने स्थिति सुधारने तक चुप न बैठने की बात कही.

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