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IPL; पाकिस्तान के बाद बांग्लादेश की बारी

इंडियन प्रीमियर लीग मैच की शुरूआत में खेल भावना को ध्यान में रखकर सभी क्रिकेट खेलने वाले देशों के खिलाड़ियों को शामिल किया गया था। वैसे भी क्रिकेट खेलने वाले देशों की संख्या 148साल में उंगलियों में गिनने लायक है। भले ही आईसीसी के सदस्य देशों की संख्या पहुंच गई है लेकिन अंतरराष्ट्रीय  स्तर पर टेस्ट खेलने वाले देशों की संख्या 12, वनडे खेलनेवाले 22और टी 20खेलने वाले देशों की संख्या 74 पहुंची है। मैदान में खेले जाने वाले फुटबॉल खेलने वाले देशों की संख्या 211और हॉकी खेलने वाले देशों की संख्या 95 की तुलना में क्रिकेट खेलने वाले देश कम ही है।
इतने कम देश के द्वारा क्रिकेट को अपने अपने देशों में बढ़ावा देने के लिए  नित नए प्रयास किए जाते है। भारत में टी 20  का इंडियन प्रीमियर लीग लाया गया। साल दर साल इसकी   लोकप्रियता बढ़ते जा रही है। इस लीग को खेलने वाले  टीम में दीगर देश के खिलाड़ियों को अधिकतम चार खिलाने का अधिकार है। टीम में भी अधिकतम  विदेशी खिलाड़ियों की संख्या 8है।
आईपीएल से सबसे पहले बाहर किए जाने वाला देश पाकिस्तान रहा। पाकिस्तान देश विभाजन के बाद अपनी करतूतों से बाज़ नहीं आता है।  दो बार युद्ध हारने, सेनाध्यक्ष सहित सेना के आत्म समर्पण के बाद हिंदुस्तान के भीतर अशांति फैलाने के लिए लगातार बदनाम होने के बाद खामियाजा खिलाड़ियों को भुगतना पड़ा। के बाद से पाकिस्तान के साथ  हिंदुस्तान का क्रिकेट संबंध का ब्रेक अप हो गया है। केवल अन्तर्राष्ट्रीय स्तर  पर वनडे और टी ट्वेंटी खेलना झकमारी है। पहलगाम घटना के बाद अब सौजन्य हाथ मिलाने की परंपरा भी टूट गई है।
  आईपीएल से बाहर होने वाला दूसरा देश  बांग्ला देश हो गया है। पाकिस्तान के समान बांग्ला देश में भी राजनैतिक अस्थिरता का आलम है। बांग्ला देश में हिंदुस्तान के रहवासियों के साथ दोयम दर्जे का व्यवहार हो रहा है।2026के आईपीएल के लिए सात बांग्ला देश के खिलाड़ियों के नाम आए थे जिसमें    मुस्तफिजूर  रहमान को कोलकाता नाइट राइडर्स ने 9.20करोड़ रुपए में खरीदा था।  अपने देश के दोयम दर्जे के व्यवहार के चलते पाकिस्तान के बाद बांग्ला देश का नाम आ गया है। हिंदुस्तान का बांग्ला देश निर्माण में सबसे बड़ा योगदान रहा है। इस देश के लाखों शरणार्थियों को हिंदुस्तान ने सालों पनाह दिया था।  मदद का सिला बड़े ही क्रूरतम तरीके से मिला जिसके चलते दोनों देश के संबंध असामान्य हो गए है। हिंदुस्तान में  अवैध घुसपैठियों को बाहर करने का अभियान छिड़ा है।  इसका असर भी है कि बांग्ला देश के लाखों घुसपैठिए भाग रहे है।  इसके कारण बांग्ला देश  आपा खो रहा है। राजनीति का असर खेल पर भी हो गया और अंततः बांग्ला देश भी क्रिकेट का दूसरा घुसपैठिया बन कर बाहर हो गया है।
मुस्तफिजुर रहमान-

9.20 करोड़

SRH (2016–17), RR (2021), DC (2022-2025), MI (2018), CSK

शाकिब अल हसन

2 करोड़ (2021), 1.5 करोड़ (2018)

SRH, KKR

मशरफे मुर्तजा

5 करोड़ (2009)

KKR

अब्दुर रज्जाक

50 लाख (2008)

RCB

मोहम्मद अशरफुल

42.5 लाख (2009)

MI

तमीम इकबाल

50 लाख (2012) 

स्तंभकार- संजयदुबे

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