नईदिल्ली, ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के बीच ओमान के तट के पास एक वाणिज्यिक जहाज पर हुए हमले को लेकर भारत ने कड़ा रुख अपनाया है. विदेश मंत्रालय ने रविवार को जारी बयान में जहाज GFS Galaxy पर हुए हमले की निंदा करते हुए कहा कि इस घटना में सवार 11 भारतीय नागरिकों में से 10 को सुरक्षित बचा लिया गया है, जबकि एक भारतीय अब भी लापता है. उसकी तलाश के लिए खोज एवं बचाव अभियान जारी है.
पश्चिम एशिया में एक बार फिर तनाव खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है. स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज में कमर्शियल जहाजों पर हमले हुए हैं और इसके जवाब में अमेरिका ने ईरान के कई ठिकानों पर नए हवाई हमले किए हैं. इस बढ़ते तनाव का असर भारत पर भी पड़ना लाजिमी है, क्योंकि इस समय कई भारतीय जहाज और सैकड़ों नाविक इसी इलाके में मौजूद हैं.
सरकार की रिपोर्ट के मुताबिक इस समय हॉर्मुज के पश्चिम यानी फारस की खाड़ी में भारत के 9 जहाज मौजूद हैं. इन जहाजों पर 198 भारतीय नाविक सवार हैं. सरकार ने साफ किया है कि फिलहाल इनमें से किसी भी जहाज को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है. सभी जहाज सुरक्षित हैं और अपने तय व्यापारिक कार्यों में लगे हुए हैं.
कितने जहाजों ने पार किया होर्मुज
शिपिंग मंत्रालय के अधिकारियों के अनुसार 28 फरवरी से शुरू हुए पश्चिम एशिया संघर्ष के बाद से माल लेकर भारत आ रहे 50 जहाज सुरक्षित तरीके से हॉर्मुज पार कर चुके हैं. इनमें 18 भारतीय ध्वज वाले और 32 विदेशी ध्वज वाले जहाज शामिल हैं. इन जहाजों में सबसे ज्यादा 19 बल्क कैरियर, 14 एलपीजी टैंकर, 12 कच्चे तेल के टैंकर, दो एलएनजी कैरियर और एक कंटेनर शामिल हैं. हालांकि समुद्री उद्योग से जुड़े लोगों का कहना है कि हालिया हमलों के बाद कई शिपिंग कंपनियां इस रूट पर नए जहाज भेजने से पहले स्थिति का आकलन कर रही हैं. यदि तनाव और बढ़ता है तो जहाजों की आवाजाही प्रभावित हो सकती है.






