रायपुर, प्रदेशवासियों के लिए राहत की खबर है। लंबे इंतजार के बाद आखिरकार 12 दिन की देरी से बस्तर के रास्ते छत्तीसगढ़ में मानसून ने दस्तक दे दी है। मौसम विभाग ने सोमवार को दंतेवाड़ा जिले से दक्षिण-पश्चिम मानसून के प्रदेश में प्रवेश की पुष्टि की है। इसके साथ ही अगले 24 से 48 घंटों के दौरान राज्य के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना जताई गई है, जिससे लोगों को भीषण गर्मी और उमस से राहत मिलने की उम्मीद है। मानसून की दस्तक के साथ ही प्रदेश में मौसम का मिजाज बदलने लगा है।आज दोपहर को प्रदेश में जगह जगह हल्की बारिश भी हुई।
मौसम विभाग के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून 22 जून 2026 को छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले में पहुंच गया है। मानसून की उत्तरी सीमा 19° उत्तरी अक्षांश और 60° पूर्वी देशांतर, 19° उत्तरी अक्षांश और 65° पूर्वी देशांतर, 18.8° उत्तरी अक्षांश और 70° पूर्वी देशांतर, अलीबाग, पुणे, निजामाबाद, दंतेवाड़ा, बलांगीर, सुंदरगढ़, चतरा, गया, मुजफ्फरपुर और 28.3° उत्तरी अक्षांश तथा 83° पूर्वी देशांतर से होकर गुजर रही है।
मौसम विभाग के अनुसार इस वर्ष मानसून प्रदेश में सामान्य तिथि की तुलना में करीब 10 से 12 दिन की देरी से पहुंचा है। मानसून का प्रवेश दंतेवाड़ा जिले के रास्ते हुआ है और अगले दो से तीन दिनों में इसके प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में फैलने की संभावना जताई गई है।मानसून की देरी का असर प्रदेश की वर्षा स्थिति पर साफ दिखाई दे रहा है। मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक अब तक छत्तीसगढ़ में सामान्य से 63 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है। वहीं खरीफ सीजन की तैयारियों में जुटे किसान भी अच्छी वर्षा का इंतजार कर रहे हैं।
मौसम वैज्ञानिक बीके चिंधालोरे ने बताया कि इस वर्ष अल नीनो के प्रभाव के चलते मानसून की प्रगति और वर्षा की तीव्रता प्रभावित हो सकती है। विभाग के अनुमान के अनुसार पूरे मानसून सत्र के दौरान प्रदेश में सामान्य से लगभग 10 प्रतिशत कम वर्षा होने की संभावना है। हालांकि मानसून के सक्रिय होने के साथ ही आने वाले दिनों में कई जिलों में अच्छी बारिश होने के संकेत मिल रहे हैं।
विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे खेती-किसानी से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णय लेते समय कृषि मौसम विभाग द्वारा जारी सलाह और पूर्वानुमानों का पालन करें। उन्होंने कहा कि बदलते मौसम और अनिश्चित वर्षा की परिस्थितियों को देखते हुए वैज्ञानिक सलाह के आधार पर बुवाई एवं कृषि कार्य करने से किसानों को बेहतर परिणाम मिल सकते हैं। फिलहाल मानसून के आगमन से प्रदेशवासियों को भीषण गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है।





