रायपुर, नगर निगम रायपुर ने राजधानी में अवैध नल कनेक्शनों की पहचान कर उन्हें वैध बनाने के लिए विशेष अभियान शुरू किया है. इस पहल के तहत ऐसे उपभोक्ताओं को निर्धारित अवधि में आवेदन कर अपने कनेक्शन नियमित कराने का मौका दिया जाएगा. हालांकि नियमितीकरण के लिए तय की गई शुल्क राशि को लेकर राजनीतिक विवाद भी शुरू हो गया है.
जानकारी के मुताबिक, नया घरेलू नल कनेक्शन लेने पर जहां करीब 10 हजार रुपए का खर्च आता है, वहीं कई सालों से उपयोग कर रहे अवैध नल कनेक्शन को वैध कराने के लिए उपभोक्ताओं को 20 हजार रुपए से ज्यादा का भुगतान करना होगा.
90 हजार कनेक्शन निगम के रिकॉर्ड से बाहर
नगर निगम के अनुसार शहर में करीब 3.50 लाख संपत्तियां हैं, लेकिन आधिकारिक रिकॉर्ड में केवल 2.21 लाख वैध नल कनेक्शन दर्ज हैं. यानी लगभग 90 हजार संपत्तियों में पानी की आपूर्ति तो हो रही है, लेकिन उनके कनेक्शन निगम के रिकॉर्ड में शामिल नहीं हैं. अधिकारियों का कहना है कि इससे जलकर के रूप में मिलने वाले राजस्व पर असर पड़ रहा है.
आयुक्त ने दिए कार्रवाई तेज करने के निर्देश
नगर निगम आयुक्त संबित मिश्रा ने सभी जोन कार्यालयों को ऐसे कनेक्शनों की पहचान कर नियमितीकरण की प्रक्रिया तेज करने के निर्देश दिए हैं. इसके लिए ‘एकमुश्त जलकर निपटान योजना’ लागू की गई है, जिसके तहत 15 जुलाई से 15 अक्टूबर 2026 तक आवेदन किए जा सकेंगे.
घरेलू और व्यावसायिक कनेक्शन के लिए तय शुल्क
योजना के अनुसार आधा इंच के घरेलू अवैध नल कनेक्शन को वैध कराने के लिए 5 हजार रुपए नियमितीकरण शुल्क और 15,882 रुपए कनेक्शन शुल्क सहित कुल 20,882 रुपए जमा करने होंगे. वहीं व्यावसायिक आधा इंच के कनेक्शन के लिए कुल 30,882 रुपए का भुगतान करना होगा. निगम ने साफ किया है कि पूरी राशि एकमुश्त जमा करनी होगी. साथ ही कनेक्शन को संबंधित संपत्ति की यूनिक आईडी से जोड़ना और निर्धारित अनुबंध पूरा करना भी अनिवार्य रहेगा.
समय सीमा के बाद होगी सख्त कार्रवाई
नगर निगम ने चेतावनी दी है कि तय समय सीमा के भीतर आवेदन नहीं करने वाले उपभोक्ताओं के अवैध कनेक्शन काटे जाएंगे. इसके अलावा नियमितीकरण शुल्क का तीन गुना तक जुर्माना भी लगाया जा सकता है. निगम ने इसे अवैध कनेक्शनों को वैध कराने का अंतिम अवसर बताया है.
विपक्ष ने शुल्क को बताया ज्यादा
इस योजना को लेकर नेता प्रतिपक्ष आकाश तिवारी ने शुल्क को अत्यधिक बताते हुए आपत्ति जताई है. उनका कहना है कि कांग्रेस सरकार के समय अवैध नल कनेक्शन नियमित कराने के लिए केवल 600 रुपए लिए जाते थे, जबकि अब आम लोगों से 20 हजार रुपए से अधिक की राशि मांगी जा रही है. उन्होंने शुल्क कम कर लोगों को राहत देने की मांग की है.






