0 विधायक कालोनी बनाने खाली कराई जा रही है जमीन
रायपुर,राजधानी रायपुर के नकटी गांव में जमकर बवाल मचा है। आज पुलिस प्रशासन की टीम भारी दल बल के साथ बुलडोजर लेकर अतिक्रमण हटाने पहुंची। एक बार फिर अब पुलिस की टीम और ग्रामीणों आमने सामने आ गई। कार्रवाई के विरोध में ग्रामीण सड़कों में बैठ गए और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी कर रहें है। इस दौरान पुलिस की टीम और ग्रामीणों के बीच झूमझटकी भी देखने को मिली।
महीनों के उहापोह के बाद आखिरकार प्रशासन की माना क्षेत्र स्थित ग्राम नकटी में बेदखली कार्रवाई शुरू हो गई है। इलाके के सभी राजस्व अधिकारियों एवं पटवारियों को भी तडके चार बजे से नकटी बुलाया गया है। क्षेत्र में अवैध तरीके से बनाए गए मकानों को ढहाने के लिए आधी रात से जेसीबी के साथ करीबन एक हजार पुलिस के जवान तैनात किए गए हैं। बुलडोजर कार्रवाई शुरू होते ही ग्रामीण बुलडोजर के सामने खड़े होकर विरोध कर रहें है। बुलडोजर पर पत्थरबजी भी कर दी. बता दें कि इस गांव में लगभग 70 से ज्यादा घर है. दो दिन पहले ही प्रशासन ने ग्रामीणों को नोटिस जारी किया था जिसके बाद ही आज ये कार्रवाई की जा रही है।
वहीं ग्रामीणों का कहना है कि घर टूटने पर हम कहां जाएंगे। वहीं दूसरी ओर प्रशासन ने प्रधानमंत्री योजना सेक्टर 30 में प्रभावित परिवारों की शिफ्टिंग शुरू कर दी गई है. घरों से समान शिफ्ट कराने गाड़ियां भी मौके पर मौजदू है. गाड़ियों में घरों के समान की लोडिंग का काम शुरू कर दिया गया है

जानकारी के अनुसार, गांव के वार्ड 16 और 17 में ऐसे 48 अवैध मकान हैं, जिन्हें ढहाने के लिए राजस्व विभाग ने बेदखली का नोटिस चस्पा किया है। प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा किया गया है, इसलिए बेदखली की कार्रवाई की जा रही है। वहीं कार्रवाई का विरोध कर रहे ग्रामीणों का तर्क है कि वे इस जमीन पर सालों से रह रहे हैं। इनमें से कई मकान को पीएम आवास योजना के तहत बनाए गए हैं। बहरहाल, दावे और प्रतिदावे के बीच बेदखली कार्रवाई के लिए भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती से गांव में तनाव का माहौल देखने को मिल रहा है।
यह है पूरा मामला?
- ग्रामीणों का कहना है कि राज्य सरकार ने उनके पूर्वजों की जमीन पर विधायकों के लिए कॉलोनी बनाने का फैसला किया है, इसलिए उन्हें हटाया जा रहा है.
- हालांकि प्रशासन ने इसकी पुष्टि नहीं की है. स्थानीय प्रशासन का कहना है कि ग्रामीणों ने गांव की बड़ी जमीन पर अवैध कब्जा कर लिया है, इसलिए उन्हें नोटिस जारी किया गया है. ग्रामीणों के मुताबिक ‘शामिलात चारागाह’ (चारागाह के लिए आरक्षित भूमि) के रूप में वर्गीकृत भूमि उनके पूर्वजों की थी और वहां बने घरों में से लगभग 30 घर प्रधानमंत्री आवास योजना (पीएमएवाई) के तहत बनाए गए हैं.







