
रायपुर. इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय यानी IGKV के पेपर लीक मामले में बड़ा अपडेट सामने आया है. विश्वविद्यालय ने 19 अगस्त को आयोजित फंडामेंटल ऑफ जेनेटिक्स की परीक्षा भी रद्द कर दी है. परीक्षा से करीब 6 घंटे पहले प्रश्नपत्र लीक होने की जानकारी सामने आई थी.
मामले की गंभीरता को देखते हुए विश्वविद्यालय प्रबंधन ने जांच शुरू कराई, जिसमें प्रश्नपत्र के लिफाफे से छेड़छाड़ के सबूत मिले हैं. वहीं, मामले की जानकारी पुलिस को भी दी गई है. जांच के बाद विश्वविद्यालय प्रबंधन ने भारती कॉलेज को नोटिस जारी किया है. कॉलेज को 10 दिन के भीतर अपना जवाब देना होगा. विश्वविद्यालय ने स्पष्ट किया है कि जवाब संतोषजनक नहीं पाए जाने पर कॉलेज की मान्यता रद्द करने की कार्रवाई की जा सकती है.
पेपर लीक की घटना के बाद अब विश्वविद्यालय ने परीक्षा व्यवस्था को और ज्यादा सुरक्षित बनाने की तैयारी शुरू कर दी है. IGKV अब सभी प्रश्नपत्रों के लिफाफों की जांच करेगा, ताकि किसी तरह की छेड़छाड़ की संभावना को खत्म किया जा सके. भविष्य में पेपर लीक जैसी घटनाओं को रोकने के लिए प्रश्नपत्र डिजिटल लॉक सिस्टम वाले बैग में भेजे जाएंगे.
अब बैग में लगाया जाएगा GPS ट्रैकर
इन बैग को OTP के जरिए खोला जाएगा. साथ ही बैग में GPS ट्रैकर भी लगाया जाएगा, जिससे प्रश्नपत्र की लोकेशन लगातार ट्रैक की जा सकेगी. प्रश्नपत्रों की सुरक्षा के लिए स्ट्रॉन्ग रूम भी बनाए जाएंगे. इन कमरों में सीसीटीवी कैमरों से निगरानी होगी. परीक्षा शुरू होने से करीब आधे घंटे पहले ही OTP के जरिए प्रश्नपत्र का बैग खोला जाएगा. इसके अलावा विश्वविद्यालय ने परीक्षा केंद्रों को लेकर भी बड़ा फैसला लिया है. अब प्राइवेट कॉलेजों को परीक्षा केंद्र नहीं बनाया जाएगा. प्राइवेट कॉलेजों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के लिए नजदीकी सरकारी कॉलेजों में परीक्षा केंद्र निर्धारित किए जाएंगे.
नई व्यवस्था से प्रश्नपत्रों की सुरक्षा बढ़ेगी
IGKV प्रबंधन का दावा है कि नई व्यवस्था से प्रश्नपत्रों की सुरक्षा बढ़ेगी और परीक्षा प्रणाली ज्यादा पारदर्शी बनेगी. पेपर लीक की घटना के बाद विश्वविद्यालय अब तकनीक और निगरानी के जरिए परीक्षा व्यवस्था में बड़े बदलाव करने जा रहा है.







