
0 डीन ने किया अभियान को जनआंदोलन बनाने का आह्वान
नारायणपुर, कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र, नारायणपुर में विगत दिनों ‘नशा मुक्त भारत अभियान’ के अंतर्गत जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों एवं आमजन को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करते हुए स्वस्थ, सुरक्षित एवं नशामुक्त समाज के निर्माण के लिए प्रेरित करना था।
महाविद्यालय द्वारा विगत वर्षों से निरंतर नशा मुक्ति एवं जनजागरूकता की दिशा में विभिन्न गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। इन सतत प्रयासों के परिणामस्वरूप महाविद्यालय परिसर को नशामुक्त परिसर के रूप में विकसित किया गया है। विद्यार्थियों को नशे से दूर रखने के साथ-साथ आसपास के समाज में भी जागरूकता फैलाने के लिए महाविद्यालय द्वारा लगातार पहल की जा रही है।
इसी कड़ी में आयोजित कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए 500 से अधिक पंपलेट एवं स्लोगन तैयार किए तथा इनके माध्यम से नशे के दुष्प्रभावों के प्रति लोगों को जागरूक किया। विद्यार्थियों ने ‘नशे को ना, जिंदगी को हां’, ‘नशा छोड़ो, जीवन जोड़ो’, ‘स्वस्थ युवा—सशक्त भारत’ जैसे प्रभावी संदेशों के माध्यम से युवाओं को नशे से दूर रहने तथा शिक्षा, खेल, कौशल एवं रचनात्मक गतिविधियों से जुड़ने का आह्वान किया।
इस अवसर पर महाविद्यालय की डीन डॉ. रत्ना नशीने ने कहा कि “नशा केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को ही प्रभावित नहीं करता, बल्कि उसके परिवार, भविष्य और पूरे समाज को प्रभावित करता है। युवाओं की ऊर्जा को नशे से बचाकर शिक्षा, खेल, कौशल एवं रचनात्मक गतिविधियों की ओर ले जाना आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है। नशामुक्त परिसर से नशामुक्त समाज और नशामुक्त भारत की यात्रा शुरू होती है।” उन्होंने विद्यार्थियों से स्वयं नशे से दूर रहने के साथ-साथ कम से कम एक व्यक्ति को नशे से दूर करने का संकल्प लेकर इस अभियान को जनआंदोलन बनाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों ने यह संदेश दिया कि जागरूकता, निरंतर प्रयास और सामूहिक सहभागिता से नशामुक्त परिसर से लेकर नशामुक्त समाज और नशामुक्त भारत के संकल्प को साकार किया जा सकता है। कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों एवं उपस्थितजनों ने स्वयं नशे से दूर रहने तथा दूसरों को भी नशामुक्त जीवन के लिए प्रेरित करने का संकल्प लिया।







