नारायण भोई
भुवनेश्वर, सीजेपी आंदोलन के बाद धर्मेंद्र प्रधान के केंद्रीय कैबिनेट से इस्तीफे से दिल्ली से लेकर उडीसा तक हलचल मची है। ओडिशा में धर्मेंद्र प्रधान समर्थकों का मानना है कि पार्टी के भीतर उन्हें किनारे नहीं किया जा सकता है। इस्तीफे के बाद जिस तरह से राजधानी भुबनेश्वर एवं संसद में उनका स्वागत हुआ, उससे यह तय हो गया कि अभी उनकी राजनीति बाकी है। हालांकि यह अभी स्पष्टा नहीं है कि बीजेपी श्री प्रधान को क्या भूमिका देगी, लेकिन सवाल यह है कि पीएम नरेंद्र मोदी अपने खास सिपहसालार को क्या बिना किसी बड़े दायित्व के रखेंगे।
उडीसा विधायकों और बीजेपी नेताओं ने संकेत दिए हैं कि अब धर्मेंद्र प्रधान के लिए ओडिशा का चीफ मिनिस्टर बनने का विकल्प खुल गया है। इसका अंदाजा कल भुवनेश्वर एयरपोर्ट में जोरदार स्वागत से भी लगाया जा रहा है। पार्टी के सूत्र बताते हैं कि अब ओडिशा बीजेपी में अंदरूनी सत्ता का संतुलन भी बदल सकता है। धर्मेंद्र प्रधान थोड़े इंतजार के बाद ओडिशा में पावर सेंटर बनाए जा सकते हैं। मई 2029 में लोकसभा के साथ विधानसभा चुनाव होंगे। इस हिसाब से ओडिशा में अभी बीजेपी सरकार का 3 साल का कार्यकाल बाकी है। गत विधानसभा चुनाव में जीत के बाद भी उनका नाम बतौर सीएम उछाला गया था।

पीएम मोदी की केंद्रीय कैबिनेट में ओडिशा के तीन मंत्री थे। संबलपुर के सांसद धर्मेंद्र प्रधान, सुंदरगढ़ के सांसद जुएल ओराम और राज्यसभा सांसद अश्विनी वैष्णव। धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद ओडिशा के किसी बड़े चेहरे को मोदी सरकार में जगह मिल सकती है। मगर पीएम मोदी अपने भरोसेमंद सिपहसलारों में से एक धर्मेंद्र प्रधान को कहां एडजस्ट करेंगे? ओडिशा में अब इस पर चर्चा हो रही है।
विधायकों में प्रधान की पकड़
पार्टी सूत्रों के मुताबिक, ओडिशा सरकार और संगठन में धर्मेंद्र प्रधान काफी मजबूत हैं। धर्मेंद्र प्रधान 2014 के बाद से ओडिशा में काफी सक्रिय रहे। उन्होंने कांग्रेस और बीजू जनता दल के मजबूत नेताओं को बीजेपी में शामिल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। विधानसभा चुनाव के दौरान उन्होंने एक-एक सीट के लिए रणनीति बनाई थी। तत्कालीन सीएम नवीन पटनायक के सेक्रेटरी रहे वीके पांडियन की रणनीति का मुकाबला किया और पार्टी 2024 में सत्ता में आ गई। जानकारों का मानना है कि आज भी ओडिशा में बीजेपी के 78 विधायकों में से अधिकतर श्री प्रधान की पसंद हैं। ओडिशा सरकार के 16 मंत्रियों में से 7-8 धर्मेंद्र प्रधान के समर्थक हैं।
11 सांसद भी प्रधान समर्थक
लोकसभा और राज्यसभा मिलाकर ओडिशा से बीजेपी के कुल 20 सांसद हैं। जब सीजेपी आंदोलन के दौरान विपक्ष ने धर्मेंद्र प्रधान पर हमला बोला तो 11 सांसद खुले तौर से उनके समर्थन में आए। ओडिशा के कई जिलों में धर्मेंद्र प्रधान के समर्थन में रैलियां कीं और राहुल गांधी के साथ पूर्व सीएम पटनायक के पुतले जलाए। सांसद भतृहरि महताब और ओडिशा के कैबिनेट मंत्री पृथ्वीराज हरिचंदन भी प्रधान के समर्थन में आए और विरोध-प्रदर्शनों की विश्वसनीयता पर सवाल उठाए।
भुवनेश्वर एयरपोर्ट में भव्य स्वागत, लगे ‘जिंदाबाद’ के नारे
सांसद केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के ओडिशा आगमन पर भुवनेश्वर स्थित बीजू पटनायक अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने उनका जोरदार स्वागत किया। धर्मेंद्र प्रधान के स्वागत के लिए बीजेपी के कई विधायक, राज्यस्तरीय पदाधिकारी और वरिष्ठ नेता एयरपोर्ट पर मौजूद रहे। जैसे ही धर्मेंद्र प्रधान टर्मिनल से बाहर निकले, उपस्थित नेताओं और कार्यकर्ताओं ने उन्हें पुष्पगुच्छ और फूलमालाएं पहनाकर उनका गर्मजोशी से अभिनंदन किया। समर्थकों ने उनके पक्ष में जमकर ‘जिंदाबाद’ के नारे लगाए।
सांगठनिक बैठकों में लेंगे हिस्सा
पार्टी सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, धर्मेंद्र प्रधान का यह दौरा राज्य में पार्टी के संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने के दृष्टिकोण से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अपने इस प्रवास के दौरान वे बीजेपी के वरिष्ठ नेताओं के साथ महत्वपूर्ण सांगठनिक बैठकों में हिस्सा लेंगे। पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ बातचीत करेंगे और आगामी कार्यक्रमों की समीक्षा करेंगे। राज्य में आयोजित कई अन्य प्रमुख सामाजिक व राजनीतिक कार्यक्रमों में भी शिरकत करेंगे। धर्मेंद्र प्रधान के इस दौरे को लेकर स्थानीय बीजेपी कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह और नया जोश देखने को मिल रहा है।







