0 नितिन नवीन के साथ काम कर चुके हैं दीपक मह्स्के
नई दिल्ली, बीजेपी की नई टीम में जिस तरह सोशल मीडिया टीम को बढ़ाया गया है उससे ये संदेश तो साफ है कि बीजेपी सोशल मीडिया पर फोकस बढ़ाना चाहती है। हालांकि सोशल मीडिया का जिम्मा मिलते ही सोशल मीडिया टीम के सभी लोगों ने या तो अपने सोशल मीडिया अकाउंट डिलीट कर दिए, या सारी पोस्ट हटा दी।
बीजेपी ने 11 साल तक आईटी सेल और सोशल मीडिया की जिम्मेदारी संभाल रहे अमित मालवीय की जगह 58 साल के दीपक महस्के को सोशल मीडिया संयोजक बनाया है। पहली बार सोशल मीडिया टीम में चार सह संयोजक बनाए हैं। महाराष्ट्र से प्रीती गांधी, दिल्ली से शिवानंद द्विवेदी, उत्तराखंड से आलोक भट्ट और हरियाणा से अरुण यादव। नाम का ऐलान होते ही संयोजक से लेकर सारे सहसंयोजकों ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स की सफाई शुरू कर दी। दीपक महस्के के एक्स हैंडल पर 16.3 हजार फॉलोवर्स हैं, लेकिन उन्होंने सारी पोस्ट हटा ली हैं। उनके इंस्टा हैंडल पर 2184 फॉलोवर्स हैं लेकिन पोस्ट एक भी नहीं दिखती। इसी तरह प्रीति गांधी अब तक जिस एक्स हैंडल से पोस्ट करती रही हैं, वह अकाउंट अब डिलीट हो गया है।

आलोक भट्ट का भी अकाउंट डिलीट हो गया है। शिवानंद द्विवेदी ने अपने सभी पोस्ट छुपा लिए हैं। अरुण यादव ने भी अपनी सारी पोस्ट छुपा ली हैं। अरुण यादव हरियाणा में बीजेपी आईटी सेल के इंचार्ज रह चुके हैं लेकिन 2022 में उनकी एक पोस्ट पर विवाद होने के बाद उन्हें पद से हटा दिया गया था। बीजेपी की राष्ट्रीय टीम में सोशल मीडिया की जिम्मेदारी मिलते ही सबने अपनी सोशल मीडिया की स्लेट क्लीन कर दी है, अब शायद ये नई क्लीन स्लेट के साथ सामने आना चाहते हैं।

कौन हैं दीपक महस्के
इन्हें संघ का करीबी माना जाता है। ये छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान नितिन नवीन के साथ काम कर चुके हैं, तब नितिन नवीन वहां चुनाव का जिम्मा देख रहे थे। छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेज कॉर्पोरेशन लिमिटेड (CGMSC) के चेयरमैन हैं। उन्हें राज्य मंत्री का दर्जा मिला हुआ है। छत्तीसगढ़ बीजेपी के डिजिल प्लेटफॉर्म की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। 1968 में जन्मे म्हास्के ने केमिस्ट्री में एमएससी की है। इसके अलावा उन्होंने सीमेंट टेक्नोलॉजी में डिप्लोमा और कंप्यूटर प्रोग्रामिंग का सर्टिफाइड कोर्स भी किया है।उन्होंने अपने करियर की शुरुआत कॉलेज में केमिस्ट्री के प्रोफेसर के तौर पर की थी। इसके बाद वे खेती के क्षेत्र में आए और बागवानी और जैविक खेती में उन्हें तीन दशक से ज्यादा का अनुभव है। उन्होंने कुछ समय सड़क निर्माण के क्षेत्र में भी काम किया।







