अहमदाबाद, प्रवर्तन निदेशालय (ED), अहमदाबाद जोनल कार्यालय ने गुजरात में रियल एस्टेट के नाम पर आम खरीदारों और निवेशकों से करोड़ों रुपए की धोखाधड़ी करने वाले भू-माफियाओं पर शिकंजा कसा है. ईडी ने धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के तहत 129.80 करोड़ रुपए की अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से जब्त (Provisional Attachment) करने का आदेश जारी किया है. यह कार्रवाई रोनक रावजीभाई सोनाणी, विपुलभाई गोर्धनभाई गंगाणी, मेसर्स केशव नारायण ग्रुप और उनके सहयोगियों के खिलाफ की गई है.
ईडी की जांच में सामने आया कि आरोपियों ने सुनियोजित तरीके से मध्यमवर्गीय परिवारों, छोटे निवेशकों और व्यापारियों को अपना शिकार बनाया. उन्होंने अपनी रियल एस्टेट योजनाओं को पूरी तरह वैध बताकर प्री-लॉन्च ऑफर के नाम पर सस्ते फ्लैट व दुकानें देने का वादा किया था. इतना ही नहीं, निवेशकों को 54% से 100% तक के एश्योर्ड रिटर्न (गारंटीड मुनाफे) का झांसा दिया गया.
बिना रेरा और N.A. अनुमति के बेची जमीनें
आरोपियों ने बिना किसी कानूनी मंजूरी (N.A. परमिशन) और बिना रेरा (RERA) रजिस्ट्रेशन के ही प्रोजेक्ट्स का प्रचार-प्रसार शुरू कर दिया. छाणोदा (Chharodi) स्कीम के तहत इस प्रोजेक्ट में करीब 250 खरीदारों/निवेशकों से पैसे ऐंठे गए. अक्षर अनंत (Shela) स्कीम के तहत 44 से अधिक खरीदारों को ठगी का शिकार बनाया गया.
5 पुलिस FIR और BNS के तहत मामला दर्ज
ईडी ने यह कार्रवाई अहमदाबाद के डीसीबी, सैटेलाइट, नवरंगपुरा और बोपाल पुलिस थानों में दर्ज 5 प्राथमिकी (FIR) और भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की विभिन्न धाराओं के तहत दाखिल आरोप-पत्रों (Chargesheets) के आधार पर शुरू की है. ईडी अधिकारियों के अनुसार, संपत्तियों को कुर्क करने का मुख्य उद्देश्य इन्हें आगे बेचने या छिपाने से रोकना है, ताकि पीड़ित निवेशकों को अदालत की प्रक्रिया के माध्यम से उनका हक वापस दिलाया जा सके.







