FIRE;मालवीय नगर अग्निकांड में रेस्क्यू ऑपरेशन पूरा,अब तक 17 विदेशियों समेत 21 की मौत

0 मौत की चिंगारी कहां से भड़की? मालवीय नगर का एक होटल कैसे बन गया कब्रगाह

नईदिल्ली, दिल्ली के मालवीय नगर स्थित बहुमंजिला होटल में आग से हड़कंप मच गया है। घटना ‘लेमन ग्रीन रेस्टोरेंट’ की है, जहां आग लगी और फिर बहुमंजिला इमारत के कई फ्लोर तक फैल गई। इस अग्निकांड में अब तक 21 लोगों की मौत हुई है। कई लोग अब भी घायल हैं।

दिल्ली के मालवीय नगर इलाके में बुधवार की सुबह के दर्दनाक हादसे ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है. मालवीय नगर के फ्लोरिश स्टे बी एंड बी (Flourish Stay B&B) होटल में सुबह करीब 8:48 बजे एक भीषण आग लगी. इस हादसे में 17 विदेशी नागरिकों सहित 21 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई. 40 से अधिक लोगों को रेस्क्यू किया गया. लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर इतनी बड़ी इमारत में आग कैसे लगी? लोगों को अपनी जान बचाने का मौका क्यों नहीं मिला? दिल्ली फायर सर्विस (DFS) और पुलिस की शुरुआती जांच में कई चौंकाने वाले और लापरवाही के खौफनाक खुलासे हुए हैं.

ग्राउंड फ्लोर से शुरू हुआ तांडव

दिल्ली फायर सर्विस के सूत्रों के अनुसार, आग की शुरुआत होटल के ग्राउंड फ्लोर पर स्थित सीढ़ियों के पास से हुई. शुरुआती जांच से पता चलता है कि सीढ़ियों के पास कुछ ऐसी ज्वलनशील सामान या सामग्री रखी हुई थी, जिसने सबसे पहले आग पकड़ी.

चूंकि आग सीढ़ियों के पास लगी थी, इसलिए इसने इमारत के ऊपर जाने वाले एकमात्र रास्ते को अपनी चपेट में ले लिया. आग इतनी तेजी से भड़की कि चंद मिनटों में लपटें और जहरीला धुंआ पूरी बिल्डिंग में फैल गया. अधिकारियों का कहना है कि सीढ़ियों पर रखे उस सामान की सटीक प्रकृति क्या थी, इसका पता विस्तृत फोरेंसिक जांच के बाद ही चल सकेगा. रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान फायर ब्रिगेड की टीम को परिसर से एलपीजी सिलेंडर भी मिले हैं. हालांकि शुरुआती जांच यही इशारा कर रही है कि आग सीढ़ियों के पास रखे सामान से ही फैली.

इस हादसे में इतनी बड़ी संख्या में मौतों का सबसे बड़ा कारण आग से ज्यादा दम घुटना रहा. सूत्रों ने बताया कि होटल की इमारत में मौजूद सभी खिड़कियां कथित तौर पर पूरी तरह से सील (बंद) थीं. जब ग्राउंड फ्लोर से धुंआ ऊपर की मंजिलों की तरफ उठा, तो उसे बाहर निकलने का कोई रास्ता नहीं मिला.

खिड़कियां सील होने के कारण पूरी बिल्डिंग एक गैस चेंबर में बदल गई. चूंकि सीढ़ियों पर आग लगी थी, इसलिए लोग नीचे नहीं भाग सकते थे, खिड़कियां भी बंद थीं. वे हवा के लिए बाहर कूद भी नहीं सके.

6 कमरों की परमिशन बनाए 25

हादसे के बाद जब कानूनी दस्तावेजों की जांच हुई तो होटल मालिक के लालच और सिस्टम की घोर लापरवाही की पोल खुल गई. अधिकारियों के अनुसार, जिस ‘फ्लोरिश स्टे बी एंड बी’ होटल में यह अग्निकांड हुआ, उसे ‘बेड-एंड-ब्रेकफास्ट’ (B&B) योजना के तहत केवल 6 कमरे संचालित करने की अनुमति दी गई थी. लेकिन ज्यादा मुनाफा कमाने के चक्कर में मालिक ने नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए परिसर में अवैध रूप से 25 कमरे बना रखे थे.

लापरवाही का यह आलम सिर्फ इसी होटल तक सीमित नहीं है. यहां से महज 100 मीटर की दूरी पर स्थित ‘ग्रीन रेजीडेंसी होटल’ के पास भी सिर्फ 6 कमरों की अनुमति थी, लेकिन वहां भी अवैध रूप से 28 कमरे संचालित किए जा रहे थे.

मौत का असली विलेन कौन?

दिल्ली फायर सर्विस के पूर्व निदेशक अतुल गर्ग ने इस घटना को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताया है. उन्होंने इलाके की संरचनात्मक खामियों की ओर इशारा करते हुए कहा, “यह एक बहुत ही भीड़भाड़ वाला इलाका है जहां दमकल की गाड़ियों का पहुंचना आसान नहीं है. वहां पानी का कोई स्रोत उपलब्ध नहीं था और अतिक्रमण ने आग बुझाने के काम को और भी मुश्किल बना दिया.”

गर्ग ने आगे बताया, “कई इमारतों में केवल एक ही सीढ़ी है. वहां बहुत ज्यादा धुंआ भर गया था और लोगों को बाहर आने का समय ही नहीं मिला. यही कारण है कि इतनी मौतें हुईं. चूंकि उनके पास फायर NOC और अन्य सुरक्षा उपाय नहीं थे, इसलिए वहां सुरक्षा के कोई इंतजाम मौजूद नहीं थे.”

दिल्ली पुलिस के बहादुर जवानों ने बचाए कई लोगों के जान- MLA सतीश

मालवीय नगर के बीजेपी विधायक सतीश उपाध्याय ने घटना की जानकारी देते हुए बताया कि जब आग लगी, तब होटल में 47 बोर्डर्स (मेहमान) मौजूद थे. उन्होंने कहा, ‘फिलहाल 21 लोगों के जान जाने की जानकारी चुकी है. 7 से 8 लोग गंभीर हालत में हैं और 3 वेंटिलेटर पर हैं. दिल्ली पुलिस के कुछ बहादुर जवानों ने अपनी जान की परवाह किए बिना आग में घुसकर लोगों को बचाया है.’ विधायक ने आश्वासन दिया कि इस मामले की गहन जांच की जाएगी. जो भी दोषी पाया जाएगा उसे तुरंत गिरफ्तार किया जाएगा. इसके अलावा नियम तोड़ने वाले अन्य होटलों और गेस्ट हाउस को भी सील किया जाएगा.

  • Narayan Bhoi

    Narayan Bhoi is a veteran journalist with over 40 years of experience in print media. He has worked as a sub-editor in national print media and has also worked with the majority of news publishers in the state of Chhattisgarh. He is known for his unbiased reporting and integrity.

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