कोलकाता, पश्चिम बंगाल के कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज रेप-मर्डर केस में पीड़िता की मां और बीजेपी विधायक रत्ना डेबनाथ ने सरकार बनने के 2 महीने बाद चुप्पी तोड़ी है। अपनी ही शुभेंदु सरकार (Suvendu government) पर सवाल उठाते हुए पीड़िता की भाजपा विधायक मां ने कहा कि 7 दिन में न्याय का वादा था। आज 2 महीने बीत गए लेकिन मेरी बेटी को न्याय नहीं मिला है। हालांकि फिर भी उन्हें सरकार पर भरोसा है। उन्होंने कहा कि दोषियों को सजा जरूर मिलेगी। साथ ही उन्होंने हत्यारों को इंसान मानने से इनकार किया।
मीडिया से बात करते हुए रत्ना डेबनाथ ने कहा कि सीएम शुभेंदु अधिकारी ने ज्यादातर वादे पूरे किए हैं। हालांकि उन्होंने कहा था कि बीजेपी सरकार बनने पर अभया को 7 दिन में न्याय मिलेगा। मगर अब 2 महीने हो गए हैं। बावजूद इसके मुझे सरकार पर भरोसा है। मैं जानती हूं कि वे कौन हैं। सभी दोषियों को सजा मिलेगी।
इससे पहले भी रत्ना डेबनाथ ने कहा था कि उनकी बेटी के हत्यारे इंसान नहीं हैं। जिन लोगों ने सबूत छिपाए, वे भी अपराधी हैं और उन्हें पकड़ा जाएगा। रत्ना डेबनाथ का यह बयान ऐसे समय आया है जब कुछ दिन पहले ही पीड़िता के पिता शेखर रंजन डेबनाथ ने भी न्याय मिलने की उम्मीद जताई थी। 27 जून को शेखर रंजन ने कहा था कि तमन्ना खातून केस में हुई गिरफ्तारियों से उनका भरोसा और मजबूत हुआ है कि उनकी बेटी के मामले में भी दोषियों को सजा मिलेगी। उन्होंने हाईकोर्ट की निगरानी को भी परिवार के लिए उम्मीद की वजह बताया था।
बता दें कि यह मामला 9 अगस्त 2024 का है। बंगाल की राजधानी कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज परिसर के सेमिनार रूम में 31 साल की ट्रेनी डॉक्टर का शव मिला था। ट्रेनी महिला डॉक्टर की रेप के बाद हत्या कर दी गई थी। इस घटना के बाद देशभर के डॉक्टरों में गुस्सा भर गया था। आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई औओर खुद की सुरक्षा को लेकर देशभर के डॉक्टरों ने कई दिनों तक प्रदर्शन किया था।







