भुवनेश्वर,ओडिशा की राजनीति में एक बार फिर बड़ा प्रशासनिक और राजनीतिक फेरबदल देखने को मिला है। पूर्व मुख्यमंत्री नवीन पटनायक के करीबी सहयोगी पूर्व IAS वीके पांडियन की पत्नी और पूर्व IAS सुजाता राउत कार्तिकेयन गुरुवार को औपचारिक रूप से बीजू जनता दल (बीजद) में शामिल हो गईं।
नवीन पटनायक ने की घोषणा
बता दें कि बीजद मुख्यालय शंख भवन में एक उच्च स्तरीय बैठक हुई, जिसके बाद पार्टी अध्यक्ष नवीन पटनायक ने खुद सुजाता के पार्टी में शामिल होने की घोषणा की। पटनायक ने कहा कि मैं सुजाता राउत का पार्टी के एक सामान्य सदस्य के तौर पर स्वागत करता हूं। वह भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) की पूर्व अधिकारी हैं और उनका अनुभव पार्टी के काम आएगा।
नवीन पटनायक ही करेंगे पार्टी का नेतृत्व
पटनायक ने बीजद के भविष्य के नेतृत्व और उत्तराधिकारी को लेकर कहा कि वह आगामी चुनावों में भी खुद बीजू जनता दल (बीजद) का नेतृत्व करना जारी रखेंगे।
मिशन शक्ति’ की सारथी रहीं सुजाता
सुजाता कार्तिकेयन साल 2000 बैच की आईएएस अधिकारी रही हैं और केंद्रापाड़ा जिले की मूल निवासी है। उन्होंने 13 मार्च 2025 को सिविल सेवा से इस्तीफा दे दिया था। ओडिशा में महिलाओं के सशक्तीकरण के लिए चलाए गए कार्यक्रम ‘मिशन शक्ति’ के विस्तार और उसे जमीनी स्तर पर सफल बनाने का बड़ा श्रेय सुजाता को ही जाता है। पार्टी में शामिल होने के बाद सुजाता ने कहा कि वह राज्य के लोगों की भलाई के लिए पूरी ईमानदारी से काम करेंगी।
पति ने छोड़ी राजनीति, पत्नी की हुई एंट्री
सुजाता कार्तिकेयन का सक्रिय राजनीति में यह प्रवेश बेहद दिलचस्प समय पर हुआ है। 2024 के लोकसभा और विधानसभा चुनावों में बीजद की करारी हार के बाद उनके पति और पूर्व नौकरशाह वीके पांडियन ने सक्रिय राजनीति से पूरी तरह दूरी बना ली थी। पांडियन के हटने के बाद सुजाता राज्य में भाजपा की नई सरकार बनने के करीब 9 महीने तक नौकरशाही का हिस्सा रहीं और फिर इस्तीफा देकर अब राजनीति में कदम रख दिया है।
बीजद में आसान नहीं होगी सुजाता की राह
सुजाता की राह बीजद में इतनी आसान भी नहीं होगी। ऐसा इसलिए क्योंकि 2024 के चुनावी नतीजों के बाद बीजद के कई वरिष्ठ नेताओं ने खुलकर पांडियन का विरोध किया था और हार का ठीकरा उन पर फोड़ा था। ऐसे में पांडियन की पत्नी सुजाता को पार्टी के भीतर सभी को साधकर आगे बढ़ना होगा।







