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EPFO; 5 गुना तक बढ़ जाएगी कर्मचारियों की पेंशन, न्यूनतम ₹5,000 करने का प्रस्ताव

नई दिल्ली, निजी क्षेत्र के लाखों कर्मचारियों के लिए अच्छी खबर है। कर्मचारी भविष्‍य निधि संगठन (ईपीएफओ) जल्द ही निजी क्षेत्र के कर्मचारियों की न्यूनतम मासिक पेंशन पर बड़ा फैसला ले सकता है। इसे 1,000 रुपये से बढ़ाकर 5,000 रुपये करने पर विचार हो रहा है। यह कदम बढ़ती महंगाई और जीवन यापन की लागत को देखते हुए उठाया जा रहा है ताकि सेवानिवृत्त कर्मचारियों को बेहतर वित्तीय सुरक्षा मिल सके। इस प्रस्ताव पर कर्मचारी संघों और पेंशनभोगियों के संगठनों ने पुरजोर समर्थन जताया है। हालांकि, अंतिम निर्णय सरकार की मंजूरी पर निर्भर करेगा। इसकी घोषणा जल्द ही नीतिगत चर्चाओं या केंद्रीय बजट के दौरान की जा सकती है।

क्या है पूरा मामला?

वर्तमान में ईपीएफओ के तहत पेंशन पाने वाले योग्य सेवानिवृत्त लोगों को हर महीने न्यूनतम 1,000 रुपये की पेंशन मिलती है। यह राशि कई सालों से जस की तस है। यानी इसमें कोई बदलाव नहीं हुआ है। लेकिन, बढ़ती महंगाई और जीवन यापन की लागत को देखते हुए सरकार इस राशि में महत्वपूर्ण बढ़ोतरी करने पर विचार कर रही है। इसका उद्देश्य निजी क्षेत्र के रिटायर्ड लोगों के लिए पेंशन को अधिक व्यावहारिक बनाना है।

कर्मचारी पेंशन योजना (EPS-95) को समझ लें

यह पेंशन इम्‍प्‍लॉयीज पेंशन स्‍कीम (ईपीएस-95) के तहत दी जाती है, जो ईपीएफओ प्रणाली का हिस्सा है। जो कर्मचारी अपने कामकाजी जीवन के दौरान ईपीएफ में योगदान करते हैं, वे ईपीएस के लाभों के हकदार होते हैं। इसके लिए कम से कम 10 साल की सेवा पूरी करना जरूरी है। पेंशन का भुगतान आमतौर पर 58 साल की उम्र के बाद शुरू होता है।

न्यूनतम पेंशन ₹5,000 करने का प्रस्ताव

चर्चाओं के अनुसार, न्यूनतम ईपीएस पेंशन को ₹1,000 से बढ़ाकर ₹5,000 प्रति माह किया जा सकता है। कर्मचारी यूनियनों और पेंशनभोगियों के संगठनों ने इस प्रस्ताव का जोरदार समर्थन किया है। उनका तर्क है कि वर्तमान पेंशन राशि बुनियादी घरेलू खर्चों को पूरा करने के लिए पर्याप्त नहीं है।

किसे मिलेगा इस बढ़ी हुई पेंशन का लाभ?

अगर यह प्रस्ताव स्वीकृत हो जाता है तो बढ़ी हुई पेंशन राशि का लाभ इन लोगों को मिलेगा:

  • ईपीएफओ में रज‍िस्‍टर निजी क्षेत्र के कर्मचारी।
  • वे सेवानिवृत्त जो ईपीएस सेवा पात्रता को पूरा करते हैं।
  • वर्तमान पेंशनभोगी जिन्हें न्यूनतम पेंशन मिल रही है।

यह बदलाव लाखों रिटायर्ड की वित्तीय स्थिरता में सुधार कर सकता है, खासकर उन लोगों के लिए जिनके पास आय का कोई अन्य स्रोत नहीं है।

अंतिम फैसला कब तक?

अभी तक कोई आधिकारिक मंजूरी या अधिसूचना जारी नहीं की गई है। इस प्रस्ताव की समीक्षा आगामी नीतिगत चर्चाओं या केंद्रीय बजट के दौरान की जा सकती है, जहां आमतौर पर सामाजिक सुरक्षा सुधारों पर चर्चा होती है। किसी भी बदलाव की औपचारिक घोषणा सरकार की मंजूरी के बाद ही की जाएगी।

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