NH;रायपुर–कोड़ेबोड राष्ट्रीय राजमार्ग-30 फोर-लेन पूर्ण, तेज़ आवागमन और आर्थिक गतिविधियों को मिला बल

रायपुर, मध्य छत्तीसगढ़ में सड़क अवसंरचना को सशक्त करते हुए रायपुर–कोड़ेबोड खंड के राष्ट्रीय राजमार्ग-30 को चार लेन में उन्नत करने का कार्य सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा राष्ट्रीय राजमार्ग विकास कार्यक्रम के अंतर्गत क्रियान्वित 33.2 किलोमीटर लंबी यह परियोजना लंबे समय से दबाव झेल रहे दो-लेन मार्ग को आधुनिक चार-लेन विभाजित राजमार्ग में परिवर्तित करती है, जिससे रायपुर, धमतरी और आसपास के आंतरिक क्षेत्रों के बीच संपर्क और यात्रा दक्षता में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।
सितंबर 2016 में स्वीकृत ₹987.88 करोड़ की लागत वाली यह परियोजना राष्ट्रीय राजमार्ग-30 के किलोमीटर 10.200 से 43.400 तक फैली है और यात्री आवागमन के साथ-साथ कृषि लॉजिस्टिक्स तथा क्षेत्रीय माल परिवहन को मजबूती प्रदान करती है। निर्माण के दौरान सामग्री आपूर्ति और अंतर-मंत्रालयीय समन्वय से जुड़ी चुनौतियाँ सामने आईं। तटबंध निर्माण के लिए आवश्यक फ्लाई ऐश और पॉन्ड ऐशकी उपलब्धता नियामकीय व्याख्याओं और समन्वय आवश्यकताओं के कारण समय-समय पर प्रभावित हुई, जिससे कार्य अनुक्रम पर असर पड़ा। फ्लाई ऐश राष्ट्रीय ताप विद्युत निगम लिमिटेड की सिपत और लारा इकाइयों से प्राप्त की जा रही थी
इसी दौरान रायपुर जिले के बोरीयाकला गांव में 0.256 हेक्टेयर भूमि से संबंधित एक मामला सामने आया, जिसे बाद में रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन की भूमि के रूप में चिन्हित किया गया। यहां कार्य रुकने से पूरे कॉरिडोर की निरंतरता प्रभावित हुई। फरवरी 2023 में परियोजना की समीक्षा के बाद लंबित भूमि और सामग्री आपूर्ति से जुड़े मुद्दों के त्वरित समाधान पर जोर दिया गया। इन बाधाओं के दूर होने के बाद निर्माण कार्य तेजी से आगे बढ़ा और परियोजना ने 100 प्रतिशत भौतिक प्रगति प्राप्त कर 20 जून 2023 को संचालन प्रारंभ किया। प्राधिकृत अभियंता द्वारा अनंतिम पूर्णता प्रमाण-पत्र जारी किए जाने के साथ उन्नत राजमार्ग को औपचारिक रूप से राष्ट्र को समर्पित किया गया। परियोजना के संचालन से औसत वाहन गति में 30–40 प्रतिशत की वृद्धि, यात्रा समय में लगभग 50 प्रतिशत की कमी और ईंधन खपत तथा वाहन परिचालन लागत में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है।




