
रायपुर, नेपाल में आई भीषण बाढ़ और भूस्खलन की आपदा के बीच रायपुर जिले के महादेव घाट (थाना डी.डी. नगर) की निवासी सुश्री मोनिका यादव के नेपाल में बाढ़ के बाद से लापता होने की सूचना मिली है। वे 22 अगस्त 2026 से नेपाल प्रवास पर थीं और वर्तमान में परिजनों से उनका संपर्क टूट गया है। राज्य सरकार संबंधित अधिकारियों एवं केंद्रीय एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित कर उनकी सुरक्षित खोजबीन के प्रयास कर रही है।
छत्तीसगढ़ सरकार ने वहां मौजूद प्रदेश के नागरिकों की सुरक्षा और सहायता के लिए तत्परता से कदम उठाए हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देश पर राज्य सरकार प्रदेश के सभी जिलों से नेपाल गए नागरिकों की जानकारी एकत्रित कर स्थिति की लगातार निगरानी कर रही है। संकट की इस घड़ी में छत्तीसगढ़ राज्य सरकार ने नागरिकों से सहयोग की अपील की है। सरकार का कहना है कि नेपाल गए या वहां रह रहे प्रदेश के नागरिकों के संबंध में यदि किसी के पास भी कोई जानकारी हो, तो उसे तुरंत प्रशासन से साझा करें।
*सहायता और सूचना के लिए जारी हेल्पलाइन नंबर*
टोल फ्री नंबर 1070, कंट्रोल रूम नंबर 0771-2223471 छत्तीसगढ़ सरकार ने आश्वस्त किया है कि वह प्रभावित नागरिकों और उनके परिजनों की मदद के लिए पूरी संवेदनशीलता के साथ खड़ी है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देश पर राज्य सरकार नेपाल में प्रभावित छत्तीसगढ़ के नागरिकों के संबंध में लगातार जानकारी जुटा रही है तथा उनके परिजनों को आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराने के लिए तत्पर है।
कई लोगों के लापता होने की खबर
नेपाल में अचानक आई बाढ़ के बाद बड़ी संख्या में लोगों के प्रभावित होने और कई लोगों के लापता होने की खबरों के बीच भारत सरकार ने राहत एवं बचाव अभियान तेज कर दिया है. विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने कहा कि नेपाल में करीब 130-132 भारतीय लोग लापता हैं, जिनसे संपर्क टूट गया है. उन्होंने कहा कि भारत की राष्ट्रीय राहत टीमें मौके पर मौजूद हैं और खोज एवं बचाव अभियान में सक्रिय रूप से जुटी हुई हैं. विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत करते हुए कहा कि नेपाल में आई आपदा बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और दुखद है. कई लोगों की मौत की खबर है, जबकि बड़ी संख्या में लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं. भारत और नेपाल की एजेंसियां मिलकर प्रभावित लोगों का पता लगाने, उन्हें सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने और अधिक से अधिक लोगों की जान बचाने का प्रयास कर रही हैं.






