नईदिल्ली, एजेंसी, पश्चिम एशिया में हालात तेजी से बिगड़ते नजर आ रहे हैं. अप्रैल में लागू हुए युद्धविराम के बाद पहली बार ईरान ने सीधे इजराइल पर मिसाइलों की बौछार कर दी. इसके बाद इजरायल ने भी जवाबी हमला कर दिया है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दोनों पक्षों को रोकने की कोशिश की थी, लेकिन नाकाम रहे. नेतन्याहू को उन्होंने फोन किया था, लेकिन उनकी बात नहीं मानी. जवाबी हमले के बाद इस्फहान, तेहरान में जोरदार धमाकों की आवाज सुनाई दी है.
इजराइल के मुताबिक ईरान ने सोमवार को उसके कई इलाकों की तरफ मिसाइलें दागीं. हाइफा और नाजरेथ को निशाना बनाए जाने की खबर है. इजराइली सेना ने कहा कि उसके रक्षा तंत्र ने खतरे को रोकने के लिए कार्रवाई की और मिसाइलों को इंटरसेप्ट किया. इजराइली रक्षा बल (IDF) ने बताया कि देश के कई हिस्सों में सायरन बजाए गए और लोगों को सुरक्षित स्थानों में जाने के निर्देश दिए गए. शुरुआती रिपोर्ट्स में किसी बड़े नुकसान या हताहत की सूचना नहीं है.
ट्रंप ने नेतन्याहू को किया फोन
हालात को और भड़कने से रोकने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से बात की थी. ट्रंप ने एक्सियोस से कहा, ‘मैं अभी बीबी को फोन कर रहा हूं और कह रहा हूं कि जवाबी हमला मत करो. दोनों अपना हमला कर चुके हैं. हमें एक और हमले की जरूरत नहीं है.’ उन्होंने कहा, ‘ईरानी हमलों में किसी को नुकसान नहीं पहुंचा. उम्मीद है कि इजराइल पलटवार नहीं करेगा. अगर बीबी फिर हमला करते हैं तो यह सिलसिला अगले 47 साल या 3000 साल तक चलता रहेगा.’ फॉक्स न्यूज से बातचीत में ट्रंप ने ईरान को भी संदेश दिया. उन्होंने कहा, ‘तुमने अपनी मिसाइलें चला दीं, अब काफी है. बातचीत की मेज पर लौटो और समझौता करो.’ ट्रंप ने दावा किया कि ईरान के साथ अंतिम समझौता अगले कुछ दिनों में हो सकता है.
क्यों भड़का नया विवाद?
ईरान का यह हमला बेरूत के दक्षिणी उपनगरों पर इजराइली हमले के बाद हुआ. इजराइल ने कहा था कि यह कार्रवाई हिजबुल्ला की ओर से उत्तरी इजराइल पर हुई गोलीबारी के जवाब में की गई थी. इसके बाद ईरान ने चेतावनी दी थी कि वह जवाब देगा. अब मिसाइल हमले के बाद तेहरान का रुख और सख्त हो गया है. ईरान की सरकारी मीडिया के मुताबिक सैन्य अधिकारियों ने कहा है कि अगर इजराइल ने दक्षिणी लेबनान या बेरूत पर हमले जारी रखे तो उसे और ज्यादा ‘कुचल देने वाले’ हमलों का सामना करना पड़ेगा.
ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया कि उसके पास बड़ी संख्या में मिसाइलें तत्काल लॉन्च के लिए तैयार हैं और जरूरत पड़ने पर इजराइल के और ज्यादा ठिकानों को निशाना बनाया जा सकता है. ईरान के सुप्रीम लीडर के वरिष्ठ सैन्य सलाहकार मोहसिन रेजाई ने कहा कि यह हमला युद्धविराम उल्लंघन और लेबनान के खिलाफ कार्रवाई के खिलाफ चेतावनी है. उन्होंने कहा कि किसी भी नए कदम का जवाब पहले से ज्यादा सख्ती से दिया जाएगा.
ईरान में मौजूद भारतीयों को देश छोड़ने की सलाह, भारतीय दूतावास की एडवाइजरी जारी
ईरान-इजरायल युद्ध लाइव: ईरान और इजरायल के बीच बढ़ते सैन्य तनाव के बीच भारतीय दूतावास ने नई एडवाइजरी जारी की है. दूतावास ने ईरान में मौजूद भारतीय नागरिकों को हालात को देखते हुए जल्द से जल्द देश छोड़ने की सलाह दी है. साथ ही भारतीय नागरिकों को अगली सूचना तक ईरान की यात्रा नहीं करने का सुझाव भी दिया गया है. दूतावास की यह एडवाइजरी ऐसे समय जारी की गई है जब दोनों देशों के बीच मिसाइल और हवाई हमलों का सिलसिला तेज हो गया है और क्षेत्रीय सुरक्षा स्थिति को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं.
हूती विद्रोहियों ने इजरायल पर हमले की पुष्टि की, लाल सागर में भी दी नई चेतावनी
ईरान-इजरायल युद्ध लाइव: यमन के ईरान समर्थित हूती समूह ने इजरायल पर हमले की पुष्टि करते हुए कहा है कि वह क्षेत्र में बढ़ते तनाव का जवाब और कड़े कदमों से देगा. हूतियों ने अपने बयान में दावा किया कि उन्होंने इजरायल को निशाना बनाकर हमला किया है. साथ ही समूह ने चेतावनी दी कि लाल सागर में इजरायल से जुड़े जहाजों को फिर से निशाना बनाया जाएगा और इजरायली समुद्री आवाजाही पर रोक लगाने की कोशिश की जाएगी. हूतियों ने कहा कि यदि तनाव और बढ़ता है तो उनकी प्रतिक्रिया भी उसी अनुपात में बढ़ेगी.







