रायपुर, राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के सरकारी निवास में गुरुवार देर रात हाई लेवल मीटिंग आयोजित की गई। लगभग पांच घंटे तक चली इस मैराथन बैठक से राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर भी तेज रहा। इस बैठक में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, कैबिनेट के सभी मंत्री और भाजपा संगठन के वरिष्ठ नेता भी मौजूद रहे।
सीएम हाउस में चली यह बैठक देर रात करीब 2 बजे समाप्त हुई, जिसके बाद सभी मंत्री और संगठन के पदाधिकारी मुख्यमंत्री निवास से रवाना हुए। बताया जा रहा है कि प्रदेश और प्रदेश के बाहर दौरे पर मौजूद कई मंत्रियों को भी तत्काल रायपुर बुलाया गया था। इस बैठक में मंत्री केदार कश्यप, गुरु खुशवंत साहेब, लक्ष्मी राजवाड़े, दयाल दास बघेल सहित कई मंत्री शामिल हुए. इसके अलावा उपमुख्यमंत्री अरुण साव, विजय शर्मा, मंत्री टंकराम वर्मा, लखन लाल देवांगन और श्याम बिहारी जायसवाल भी बैठक में पहुंचे.
दरअसल, पिछले कई दिनों से मंत्रिमंडल को लेकर चर्चा चल रही थी. ऐसे में मुख्यमंत्री की इस अचानक बुलाई गई बैठक को लेकर कई तरह के सियासी कयास लगाए जा रहे थे. बताया गया है कि इस बैठक में मंत्रियों के कामकाज की समीक्षा हुई. सुशासन तिहार को लेकर भी फीडबैक लिया गया. वहीं बैठक में सरकार के ढाई साल के कार्यकाल की समीक्षा की गई और आगामी ढाई साल की कार्य योजना पर चर्चा कर काम-काज के रवैये में बदलाव की हिदायत दी गई. कई विभागों से सुझाव लिए गए. साथ ही सत्ता और संगठन के बीच बेहतर तालमेल को लेकर भी चर्चा की गई.
वहीं इस बैठक लेकर कैबिनेट मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि सब मुस्कुरा रहे हैं. मंत्रिमंडल में बदलाव की अटकलें सिर्फ कयास हैं. सभी सेफ हैंपूरा छत्तीसगढ़ सेफ है. वहीं बैठक को लेकर डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने कहा कि सत्ता-संगठन की सामान्य हर तीन महीने में होने वाली बैठक थी. प्रभार वाले जिलों में काम समन्वय जैसे विषयों को लेकर चर्चा हुई. कोरिया की घटना बहुत दुखद है. आरोपियों को कड़ी सजा होगी. छत्तीसगढ़ की बेहतरी के लिए जो होगा करेंगे.

मंत्रिमंडल में फेरबदल पर नहीं हुई कोई चर्चा : विजय शर्मा
हाई लेवल मीटिंग के बाद उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि इस तरह की बैठक पहली बार नहीं हुई है। सत्ता और संगठन के बीच हर तीन महीने में इस तरह की बैठक होती है। उन्होंने बताया कि आगामी कार्यक्रमों को लेकर इस बैठक में रणनीति बनाई गई है। मंत्री और विधायकों को उनके दौरों को लेकर जिम्मेदारी दी गई है। प्रभार क्षेत्रों में दौरों को लेकर समीक्षा की गई है। इसके साथ ही उन्होंने मंत्रिमंडल में फेरबदल को लेकर कहा कि इसपर बैठक में कोई बात नहीं हुई।
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि यह रूटीन बैठक थी, जिसे मुख्यमंत्री ने बुलाया था। बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 12 वर्ष के कार्यकाल की उपलब्धियों और नेताओं की जिम्मेदारी पर चर्चा हुई। इसके अलावा आगामी चुनाव को लेकर मंथन हुआ।वहीं मंत्री केदार कश्यप ने बताया कि बैठक में सभी के कार्यों की समीक्षा हुई, जैसे प्रभार क्षेत्र के दौरे, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल के 12 वर्ष पूरे होने के कार्यक्रम और मंत्री-विधायकों के क्षेत्र दौरे व उनके कार्यक्रम की समीक्षा शामिल रही।







