रायपुर, नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के छत्तीसगढ़ दौरे और रायपुर के अभनपुर में 10 दिवसीय ‘संगठन सृजन अभियान’ प्रशिक्षण शिविर में शामिल होने को लेकर जमीनी कार्यकर्ताओं में मिली-जुली प्रतिक्रिया है, जिसमें जमीनी स्तर पर नेताओं की अनदेखी और सत्ता से बाहर होने के कारण कुछ निराशा की बातें भी सामने आती रही हैं। समान्यत: छोटे और आम कार्यकर्ता राहुल गांधी के सामाने अपनी बात रख नहीं पाता,और वे मात्र दर्शक बनकर रह जाते है। बहरहाल संगठन सृजन अभियान से कांग्रेसजन बेहद उत्साहित है।
बता दें कि कांग्रेस का 10 दिवसीय प्रशिक्षण शिविर आज से शुरू होने जा रहा है, जिसका आयोजन अभनपुर में किया जाएगा। इस शिविर में प्रदेशभर के जिला अध्यक्षों और संगठन पदाधिकारियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिसमें छत्तीसगढ़ प्रभारी सचिन पायलट समेत कई वरिष्ठ नेता शामिल होंगे। 21 जून को राहुल गांधी रायपुर पहुंचेंगे और करीब साढ़े पांच घंटे तक प्रशिक्षण कार्यक्रम में मौजूद रहकर कार्यकर्ताओं को संबोधित करेंगे।

छतीसगढ में कांग्रेस संगठन और कार्यकर्ताओं में निराशा के मुख्य कारण गुटबाजी के साथ नेताओं और कार्यकर्ताओं में दूरी बताया गया है। जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं और स्थानीय नेताओं में यह आम धारणा रही है कि एक बार सत्ता में आने या संगठन के ऊंचे पदों पर पहुंच जाने के बाद बड़े नेता आम कार्यकर्ता से सीधे संवाद नहीं कर पाते। मिसाल के रुप में पिछले विधानसभा चुनाव के पहले राहुल गांधी के दौरे को पेश किया जाता है। राहुल गांधी नवंबर 2023 में राजधानी रायपुर से सीधे अभनपुर के कठिया गांव पहुंचे और वहां खेत में हंसिया से धान की कटाई कर लौट आये। इसकी जानकारी न तो गांव के कांग्रेसी सरपंच को मिली, न ही गांव के कांग्रेस पदाधिकारियों और कार्यकर्त्ताओं को दी गई।आसपास के लोगों को राहुल गांधी की तश्वीर अखबारों में छपने के बाद पता चला था। ऐसे में मौजूदा दौरे में राहुल गांधी से आम कांग्रेसी भेंट-मुलाकात-बातचीत अथवा अपानी समस्या बता पाएंगे ? इसमें संदेह है।
कार्यकर्ताओं में निराशा का एक कारणा सत्ता परिवर्तन का असर भी माना गया है। 2023 के विधानसभा चुनावों में गुटबाजी के चलते मिली हार के बाद से कार्यकर्ताओं का मनोबल प्रभावित हुआ है और पार्टी के पुनरुद्धार को लेकर जमीनी स्तर पर सुस्ती देखी जा रही है। पार्टी सूत्रों का कहना है कि संगठन की निर्णय प्रक्रिया में भागीदारी न मिलना भी हताशा का कारण है। जिला और ब्लॉक स्तर के अध्यक्षों और पदाधिकारियों की अक्सर यह शिकायत रही है कि उन्हें संगठनात्मक निर्णयों में उचित स्वतंत्रता नहीं मिलती है और बड़े नेताओं के प्रभाव के आगे उनकी सुनवाई नहीं होती।
राहुल गांधी के दौरे से उम्मीदें और प्रशिक्षण शिविर
पार्टी में जान फूंकने के उद्देश्य से रायपुर जिले के अभनपुर में 10 दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया है। इस शिविर में लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी सभी जिला और शहर कांग्रेस अध्यक्षों से सीधे संवाद करेंगे। प्रशिक्षण का मुख्य फोकस कार्यकर्ताओं के मनोबल को बढ़ाना और उन्हें आगामी चुनावों के लिए बूथ स्तर पर मजबूत करना है। पार्टी को उम्मीद है कि इस तरह के सीधे जुड़ाव से कार्यकर्ताओं के बीच की निराशा दूर होगी और वे नए सिरे से एकजुट हो सकेंगे।







